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रोचक अंदाज में छात्रों को सिखाया विज्ञान

 देहरादून। कार्यालय संवाददाता

स्कूली बच्चों के आसान और रोचक तरीकों से विज्ञान सिखाने के लिए आयोजित 5 दिवसीय ‘विज्ञान की स्वर लहरी’ कार्यक्रम शुक्रवार को समाप्त हो गया। इस दौरान बच्चों को जादू के नाम पर किए जाने वाले विज्ञान के छोटे-छोटे खेलों और अंधवशि्वास के बीच का फर्क समझाया गया। शुक्रवार को संगीतज्ञ सुमित नारंग ने प्रतिभागियों को संगीत में इस्तेमाल होने वाले विज्ञान सिद्धांतों की रोचक जानकारी दी।

सेंट जोसेफ एकाड़ाी से आये छात्र मनन व कॉन्वेन्ट ऑफ जीजस एंड मेरी की छात्रा गाथा, आकाश, कामिनी ने विभिन्न वाद्य यंत्रों पर संगीत की धुन व गीत सुनाए। सवरेदय मंडल देहरादून के बीजू नेगी ने महात्मा गांधी की प्रार्थनाएं सुनाई। इस अवसर पर विषय विशेषज्ञ प्रवीन कुमार ने प्रतिभागियों को हाइड्रोपोनिक्स के विषय में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में हरिराज ने मिट्टियों का संग्रहालय प्रदर्शित किया। उन्होंने बच्चों को मिट्टी बनने की प्रक्रिया से अवगत कराया। ग्वालियर से आए जितेन्द्र भटनागर ने चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या पेश की।

उन्होंने कहा कि जादू टोने के नाम पर ठगी करने वालों से बचना चाहिए। बच्चों ने नेचर वॉक सत्र में प्रकृति को नजदीक से समझा। बच्चों ने विभिन्न पेड़ो की पत्तियां एकत्र कर अपना हरबेरियम तैयार किया। समापन समारोह में प्रतिभागियों ने विज्ञान नाटिका ‘स्वच्छता’ व गीत संगीत भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर वैज्ञानिक अधिकारी अरूण कुकशाल ने, स्पेक्स के सचवि डॉ बृज मोहन शर्मा, मोना बाली, डॉ डीएस पुंडीर, सुलक्षणा शर्मा, प्रवीन कुमार, शंकर दत्त, नरेश उप्रेती, रामतीरथ, सुभाष बर्थवाल, प्रकाश कांडपाल, सुरेन्द्र सिंह, दीक्षा, आकांक्षा, गीता, पवन, मोहन, चन्दन, रेशमा, लक्ष्मी, अंजली, रूबी, शविानी, उषा, पंकज, मयूर, अर्जुन, अंजली, वंश, सिद्घार्थ आदि उपस्थित रहे।

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