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अब आशा के हाथ में होगा मोबाइल

 लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार अहम कदम उठाने जा रही है। प्रदेश भर की आशाओं को मोबाइल फोन देने की तैयारी हो चुकी है। इससे मरीज और अधिकारी आशा से फोन पर संपर्क कर सकेंगे। आशाओं को 10 जनवरी को मोबाइल फोन मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव योजना का शुभारंभ करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में करीब सवा लाख से ज्यादा आशा तनात हैं।

लखनऊ में 1262 आशाएं काम कर रही हैं। अभी तक उनसे संपर्क करने का कोई साधन नहीं था। किसी महिला या दूसरे व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने की सूचना अन्य माध्यमों से मिलने पर वे इलाज मुहैया कराने के लिए संसाधन जुटाती थीं। इससे इलाज मिलने में काफी समय लग जाता था। ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ तुरंत मिले इसके लिए आशाओं को सीयूजी मोबाइल दिए जा रहे हैं। इससे आशा अधिकारियों और डॉक्टरों के सीयूजी से मुफ्त में बात कर सकेंगी।

वहीं, ग्रामीणों को आशा का नंबर दिया जाएगा। इससे जरूरत पड़ने पर वे आशा से संपर्क कर मदद हासिल कर सकेंगे। ये होंगे फायदे-ग्रामीण,आशा से तुरंत संपर्क कर सकेंगे-आशा की लोकेशन पता चल सकेगी-आशाएं, अस्पताल में फोन कर मरीज को लाने की सूचना दे सकेंगी ताकि डॉक्टर इलाज का प्रबंध कर सकें-आशा अपनी समस्या और शिकायतों से अधिकारियों को अवगत करा सकेंगी।

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