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बेटियों को न्याय दिलाने में खेत तक बिक गया

आगरा, हिन्दुस्तान संवाद

बेटियों की खातिर एक पिता दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गया है। यहां तक कि उसको परिवार पालने के भी लाले पडेम् हुए हैं। मामला पिनाहट क्षेत्र के एक किसान का है। उसके चार बेटियां और एक बेटा है। पेशे से ड्राइवर सुरेंद्र सिंह (काल्पनिक नाम) ने अपनी पहली बेटी की शादी मधु की लगभग 18 साल पहले उमरैठा में शादी की थी। शादी से पहले बताया गया कि लड़का कपडेम् का काम करता है, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही उसकी असलियत सामने आ गई।

लड़का शराब का आदी था। मधु ने इसका विरोध किया तो एक दिन उसे आग लगा दी गई। मधु 70 प्रतिशत तक जल चुकी थी। पिता ने ही उसका इलाज कराया। इसके लिए उसने कर्जा लिया। मधु के तीन बच्चों का पालन पोषण भी सुरेंद्र सिंह को ही करना पड़ रहा है। सुरेंद्र सिंह दामाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पहुंचा तो उसकी सुनवाई नहीं हुई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। मधु मायके में रहती है और पास के गांव में प्राइमरी स्कूल में खाना बनाती है।

पहली बेटी के साथ हुए हादसे को सुरेंद्र सिंह भुला भी नहीं पाया था कि दूसरी बेटी के साथ भी ऐसा ही हुआ। दूसरी बेटी रश्मि जिसकी शादी पिनाहट में ही हुई थी। शादी के दो साल के बाद उसका भी उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। ससुरालियों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। दूसरी बेटी भी मायके में रहने लगी। सुरेंद्र ने मामले को पंचायत में उठाया, तो फैसला दिया गया कि ससुराली बेटी के लिए अलग मकान बनवा कर देंगे।

इसके लिए ससुरालियों ने एक साल की मोहलत मांगी, लेकिन पंचायत के पांच-छह महीने बाद ही कोर्ट का नोटिस सुरेंद्र सिंह के घर आया। इसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी बेटी ससुराल से गहने और पैसे लेकर भाग गई है। अब सुरेंद्र सिंह दो-दो बेटियों के मुकदमे में पिसकर रह गया है। बेटियों को न्याय दिलाने के लिए उसने अपना खेत तक बेच दिया है।

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