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सनातन धर्म की रक्षा करना प्रमुख दायित्व:शंकराचार्य

कुंडा/हीरागंज। हिन्दुस्तान संवाद

शतचंडी जैसे महायज्ञ हमारे सनातन धर्म को जीवित रखकर पूरे वशि्व में धर्म, ज्ञान और अध्यात्म को बढ़ावा देते हैं। सनातन धर्म की रक्षा का प्रमुख दायित्व हर व्यक्ति का है। यह बातें मां नायर देवी धाम हीरागंज में आयोजित नौ दिवसीय नौ कुंडीय शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत करते हुए शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहीं। उन्होंने कहा कि गंगा, गायत्री और गाय हमारे सनातन धर्म का प्रमुख आधार हैं।

आज इन सभी पर संकट मंडरा रहे हैं। ऐसे में हम सभी का दायित्व है कि सनातन धर्म की रक्षा को आगे आएं। स्वामी वासुदेवानंद के नायर देवी धाम पर पहुंचते ही आचार्य संतोष की अगुवाई में देवव्रत, सुनील, संजय, नवीन, प्रशांत श्यामू, इन्द्रापति आदि 74 आचार्यो ने वेद मंत्रों के साथ स्वागत किया। प्रमुख यजमान अभय प्रताप सिंह (पप्पन), सुनील त्रिपाठी ने आरती उतारी। इसके पहले आचार्य देवव्रत की अगुवाई में वाहनों के काफिले के साथ लालगोपालगंज में अगवानी कर धाम तक जयकारे के बीच उन्हें लाया गया।

इस मौके पर गौरीशंकर त्रिपाठी, सुरेश सिंह, राजेश सिंह,डा. वी.पी. सिंह,अजीत सिंह, अमर कुमार,नंद किशोर, शवि सागर सिंह, विद्यासागर, अंजनी सिंह, कृष्ण कुमार, बबलू, पंकज आदि मौजूद रहे। अभय के घर गए वासुदेवानंदमां नायर देवी धाम पर आए शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद जिला पंचायत सदस्य अभय प्रताप सिंह (पप्पन) के घर भी गए। पप्पन पर हुए जानलेवा हमले की जानकारी होने पर उन्होंने पूरे परिवार को अभय रहने का आशीर्वाद दिया। चित्र परिचय-4-मां नायर देवी धाम पर शंकराचार्य जी महराज का वैदिक मंत्रो से किया गया स्वागत5-मां नायर देवी धाम पर शंकराचार्य जी महराज की आरती उतारते यजमान।

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