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नक्सल प्रभावित क्षेत्र को मिलेगी चकाचक बिजली

हिन्दुस्तन संवाद

नया वर्ष नक्सल प्रभावित तहसील के लोगों के लिए पर्याप्त रोशनी की सौगात लेकर आया है। मार्च तक गुरुदेव नगर में 132 केबी का विद्युत उपकेंद्र चालू हो जाएगा। इससे लोगों को पर्याप्त बिजली मिलेगी। बिजली समस्या को देखते हुए वर्ष 2008 में मोतीलाल बोरा ने गुरुदेव नगर में 132 केवी के उपकेंद्र का प्रस्ताव दिया था। 26 करोड़ की लागत से यहां काम शुरू भी हो गया।

कार्यदायी संस्थाओं की वजह से इस परियोजना को पूरा होने में लगातार देरी हुई। किसी न किसी कारण लगातार काम बंद हुआ और हर बार लोग इसे पूरा होने की बाट ही जोहते रहे। अब तक चार निर्माण कंपनियां इसे छोड़ चुकी है। वर्तमान में एसएएलएएसएआर टेक्नालाजी निर्माण को पूरा करा रही है। दिन रात काम चल रहा है और मार्च तक काम खत्म होने की उम्मीद है। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2014 में इसे पूरा कर विभाग को सौंप दिया जाएगा।

लोग भी इसको लेकर पलक पावड़े बिछाए हैं। वर्तमान में पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरायी हुई है। इसका कारण है विद्युत उपकेंद्रों पर अत्यधिक बोझ। उपकेंद्र का काम पूरा होने से न सिर्फ तहसील को पर्याप्त बिजली मिलेगी बल्कि राजगढ़ ब्लाक के गांव तक भी बिजली आपूर्ति में सुविधा होगी।

कोट-परियोजना पूरा होने में कुछ देरी हुई है, लेकिन मार्च 2014 तक इसे पूरा कर सौंप दिया जाएगा। इससे तहसील क्षेत्र में पर्याप्त बिजली आपूर्ति में मदद मिलेगी।

नवीन पांडेय, जेई, पारेषण, पथरहिया इनसेट-पर्याप्त बिजली मिलने पर होगी टनाटन खेतों की सिंचाई पहाड़ी और जंगल के बीच बसे मडिम्हान तहसील में उपजाऊ जमीन भी खूब है। यहां के लोगों का मुख्य पेशा खेती है। खेतों की सिंचाई के लिए घाघर नहर मुख्य साधन है। इसके अलाव आधा दर्जन परियोजनाएं अधूरी पड़ी है। उपकेंद्र बनने के बाद इन परियोजनाओंके लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी और खेतों तक पानी पहुंचेगा।

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