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बरसात में एनएच के लिए 70 लाख

बरसात के मद्देनजर राष्ट्रीय उच्च पथों को ठीक करने के लिए सभी डिवीजन को दस-दस लाख रुपये दिये गये हैं। यह फंड विवेकाधीन का है। सड़कों के रख-रखाव, गड्ढों को भरने तथा क्षतिग्रस्त पुल-पुलिया की प्राथमिकता के साथ मरम्मत के लिए यह व्यवस्था की गयी है। पर राष्ट्रीय उच्च पथों पर विवेकाधीन का काम योजनाबद्ध तरीके से नहीं हो रहा। विभिन्न सड़कों पर पहली ही बरसात में जहां- तहां गड्ढे हो गये हैं। कई जगह फ्लैंक्स क्षतिग्रस्त है और सड़क बीच- बीच में जहां-तहां कटी है। जमशेदपुर में बाढ़ से सड़क की भारी क्षति हुई है। वहां स्थिति ठीक करने के लिए 10 लाख की योजनाओं पर तकनीकी स्वीकृति दे दी गयी है।ड्ढr इधर, विभागीय सचिव एनएन सिन्हा ने एनएच के इंजीनियरों को गड्ढे भरने के लिए एक बार फिर आगाह कराया है। जानकार बताते हैं कि बाढ़ राहत कार्यो में जिस तरह से हाथ धोये जाते हैं, उसी तरह विवेकाधीन फंड में भी इंजीनियर हाथ धोते हैं। विवेक से काम कराना है, सो छोटे-मोटे काम में भी तगड़ा इस्टीमेट बनाकर खाओ- पकाओ का खेल चलता है। हवा-आंधी में पेड़ टूट कर सड़क पर गिरते हैं। उसे हटाने के नाम पर भी हाारों का खर्च दिखाया जाता है। इसी तरह एफडीआर (बाढ़ प्रभावित फंड) योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी नहीं है।ड्ढr फाइबर कंपनी को नोटिसड्ढr राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन सह कार्यपालक अभियंता, रांची डिवीजन ने ऑप्टिकल फाइबर कंपनी जीटीएल को नोटिस भेजा है। इस कंपनी ने जेसीबी लगाकर एनएच 33 को कई जगह काट दिया है, जिससे फ्लैंक्स क्षतिग्रस्त हो गया है। दुर्घटना की संभावना बढ़ी है। इइ ने रिलायंस, हच तथा वोडाफोन को भी आगाह किया है कि बिना अनुमति के एनएच 33 के किनार फाइबर नहीं बिछायें।ं

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