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रूक नहीं रहा है फर्जी काल आने का सिलसिला

पुलिस नियंत्रण कक्ष के 100 नंबर के फोन पर फर्जी फोन कर महिला आपरेटरों से अपशब्द कहने उनसे गंदी बातें करने, ब्लैंक काल करने तथा पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप में 31 और लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

इससे पहले 31 दिसंबर को 44 लोगों के खिलाफ मुकदमा और 14 दिसंबर 2013 को ऐसे फोन करने वाले 102 शरारती लोगो को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और उसके बाद से दिसंबर माह में ही 2000 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

कानपुर में आम आदमी की सुरक्षा के लिये पुलिस ने हाईटेक नियंत्रण कक्ष की स्थापना की थी। यह प्रदेश का पहला हाई टेक नियंत्रण कक्ष है जो जनता की अपराध होने पर तुरंत मदद के लिये स्थापित किया गया था लेकिन शहर के लोगों ने इसे खेल समक्ष लिया और शरारती तत्व दिन भर इस पर ब्लैंक काल करते रहते हैं। कुछ लोग तो रात में ऐसी हरकतों से बाज नही आते और पुलिस को गलत सूचनायें देकर भ्रमित करते रहते हैं। कुछ शरारती तत्व महिला आपरेटरों से गंदी और अश्लील भाषा का प्रयोग भी करते हैं।

एसएसपी यशस्वी यादव के अनुसार पुलिस नियंत्रण कक्ष में प्रतिदिन करीब 4500 कॉल आती थी जिसमें से 3900 फर्जी कॉल होती थी जो किसी काम के लिये नहीं बल्कि पुलिस को परेशान करने के लिये थी। इस पर कक्ष से काल डिटेल और सर्वर के वाइस रिकार्डर से इन दो हजार फोन काल करने वालों के नंबरो की छानबीन की गयी थी।

केवल दिसंबर माह में ही करीब 2000 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था कल शाम फिर 31 लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

कोतवाली स्टेशन आफिसर जे एन शर्मा के मुताबिक इन आरोपियों के खिलाफ अश्लील शब्दों का प्रयोग, गाली गलौज व सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया गया है, शीघ्र ही इनकी गिरफ्तारी की जायेगी।

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