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जब बच्चे को लग जाए झूठ बोलने की लत

जब बच्चे को लग जाए झूठ बोलने की लत

बच्चों के आसपास उनकी समझ और व्यवहार को प्रभावित करने वाली इतनी चीजें होती हैं कि बिना किसी के कहे वे कुछ बातों को अपने व्यवहार में शामिल कर लेते हैं। इन्हीं में से एक है झूठ बोलने की आदत। घर हो या स्कूल, गलती करने पर सजा से बचने के लिए झूठ बोलना उन्हें सबसे आसान रास्ता लगता है। पर नुकसान यह है कि ये आदत बडे़ होने पर भी साथ नहीं छोड़ती। कैसे छुड़ाएं बच्चे की यह लत, बता रही हैं करुणा कृति

जब बच्चे किसी चीज की मांग करते हैं या उनकी किसी बात पर माता-पिता विश्वास नहीं करते या फिर उन्हें  बड़ी सजा देते हैं तो बच्चों में बुरी आदतें जन्म लेने लगती हैं और खुद को बचाने के लिए वे झूठ बोलना शुरू कर देते हैं। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉं. बिंदा सिंह के मुताबिक, ‘यही आदत धीरे-धीरे बढ़ती जाती है और भविष्य में उन्हें कई तरह की परेशानियों की ओर ले जाती है। पर ध्यान देने की बात यह है कि उनकी इस आदत के लिए माता-पिता भी जिम्मेदार होते हैं।

आपके बच्चे को ऐसी आदत न लगे, इसके लिए  कुछ बातों को ध्यान रखना होगा, आइये जानें...

1. उन्हें सच और झूठ में फर्क बताएं
कई बार जब बच्चे हर बात पर निराधार काल्पनिक कहानियां सुनते हैं तो वे उस कहानी को सच मान लेते हैं और अपनी कल्पना की दुनिया में खोए रहते हैं। कई बार वे दूसरों के सामने भी बातें बनाने लगते हैं। उन्हें लगता है कि वे जो कुछ भी कह रहे हैं, वह सच है। इसलिए उन्हें सच और झूठ के बीच का फर्क समझाना जरूरी है। उन्हें ऐसी कहानियां सुनाएं, जिनमें सच और ईमानदारी का संदेश मिलता हो। उन्हें खेल-खेल में बताएं कि सच बोलने के फायदे क्या हैं। जैसे बता सकती हैं कि जब आप छोटी थीं और कोई गलती करती थीं तो आपको भी सच बताने में मुश्किल होती थी, पर जब आपने सच कहा तो आपको उसका फायदा हुआ। आपको बाद में झूठ नहीं बोलना पड़ा। ऐसा करने से बच्चे उस परिस्थिति को खुद से जोड़ पाते हैं और उन्हें समझ आता है कि सच बोलना कोई मुश्किल काम नहीं है। पर हां, ध्यान रहे कि आप ये वाक्य भाषण की तरह न सुना रही हों।

2. विश्वास स्थापित करें
यह बेहद जरूरी है कि बच्चे आप पर भरोसा करें। एक बार जब आपके बच्चे आप पर भरोसा करने लगते हैं तो वे अपनी कोई भी बात आपसे नहीं छुपाते। इसलिए आप उनसे दोस्तों जैसा व्यवहार करें और जरूरत पड़ने पर ही उनके साथ सख्ती से पेश आएं। उनमें सच बोलने की आदत डलवाना भी जरूरी है। उदाहरण के तौर पर क्या तुमने अपने हाथ धोए? ऐसा पूछने की बजाय खाने के बाद अपने हाथ धोने चाहिए ऐसा बोलें। अगर उसने अपने हाथ धोए हैं तो वह खुद ही आपको बता देगा। उन्हें झूठा साबित करने की बजाय उनसे साफ-साफ बात करें। उनसे उनकी परेशानी जानने की कोशिश करें। उन्हें विश्वास दिलाएं कि उन्हें अपनी गलतियां छुपाने की जरूरत नहीं है।

3. दोष न लगाएं, उनकी मदद करें
जब आप उनकी किसी गलती पर उन्हें सीधे झूठा कह देती हैं तो इससे उनका आत्मविश्वास कमजोर होता है और वह आगे भी झूठ बोलने के लिए प्रेरित होते हैं। उन पर दोष लगाने की बजाय उसके हल पर ध्यान दें। जैसे अगर कभी उनसे दूध गिर जाए तो यह न कहें कि क्या तुमने दूध गिराया? बल्कि यह कहें कि अब गिर गया तो चलो मिलकर साफ करते हैं।

4. सच बोलने पर उनकी सराहना करें
कई बार बच्चे इसलिए झूठ बोलते हैं कि उन्हें लगता है कि सच जानने पर आप उनसे नाराज हो जाएंगी। उन्हें यह एहसास कराएं कि आप उन्हें बिना किसी शर्त के प्यार करती हैं और उनकी गलती जानने पर भी आप उन्हें पहले जैसा ही प्यार करेंगी। सच बोलने पर उनकी सराहना करें। उन्हें बताएं कि उनका सच बोलना आपको अच्छा लगता है।

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