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सौदा रद्द करने संबंधी नोटिस में नहीं ठोस आधार: अगस्ता

सौदा रद्द करने संबंधी नोटिस में नहीं ठोस आधार: अगस्ता

भारत द्वारा वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति का 3,600 करोड़ रुपये का सौदा रद्द किए जाने के बाद आंग्ल-इतावली कंपनी अगस्तावेस्टलैंड ने आज कहा कि उसे भेजे गए सौदा रद्द किए जाने के नोटिस में उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए कोई ठोस आधार नहीं बताया गया है।
   
कंपनी ने एक बयान में यह भी कहा कि रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल फरवरी में एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि निविदा प्रक्रिया का उचित पालन किया गया था। इसने कहा कि उसने मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल होने के भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया था और अब वह जल्द ही प्रक्रिया के हिस्से के रूप में तीसरे मध्यस्थकार के चयन के लिए व्यक्तियों के नाम प्रस्तावित करेगी।
   
बयान में कहा गया कि अगस्तावेस्टलैंड अब भी यही पाती है कि न तो रक्षा मंत्रालय द्वारा भेजे गए सौदा रद्द किए जाने के नोटिस और न ही कारण बताओ नोटिस, जिससे यह सौदा रद्द करने का नोटिस निकला है, में कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई करने का कोई पर्याप्त आधार बताया गया है।
   
इसने कहा कि यह रक्षा मंत्रालय की स्वीकृत स्थिति (रक्षा मंत्रालय के बयान की 14 फरवरी 2013 की पीआईबी विज्ञप्ति) है कि निविदा प्रक्रिया का उचित तरह से पालन किया गया था। बयान में कहा गया कि तदनुसार, कल प्राप्त हुए सौदा रद्द करने के नोटिस पर उचित मध्यस्थता प्रक्रिया के दायरे में चर्चा की जाएगी।
   
हमारी तरफ से, अगस्तावेस्टलैंड पक्षों की रजामंदी के जरिए तीसरे मध्यस्थकार के चयन के उद्देश्य से जल्द व्यक्तियों के नाम प्रस्तावित करेगी, जैसा कि भारतीय रक्षा मंत्रालय ने आग्रह किया है। बयान में कंपनी ने कहा कि उसे भारत सरकार की ओर से सौदा रद्द करने और इसकी तरफ से एक मध्यस्थकार की नियुक्ति के आदेश मिल गए हैं, जैसा कि अगस्तवेस्टलैंड ने 25 नवंबर और 4 दिसंबर 2013 को आग्रह किया था।

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