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मौसम है सर्दी का, परेशान करेगा अल्जाइमर

मौसम है सर्दी का, परेशान करेगा अल्जाइमर

आजकल वृद्घों में अल्जाइमर की परेशानी काफी पायी जा रही है। सर्दियों में इसका दुष्प्रभाव काफी बढ़ जाता है। इसी कारण जनवरी माह को अल्जाइमर अवेयरनेस मंथ (अलजाइमर जागरूकता माह) के रूप में मनाया जा रहा है। इस बीमारी के बारे में बता रहे हैं राकलैंड हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉं. राजेश कुमार

अल्जाइमर रोग, डिमेनशिया का सबसे आम प्रकार है। डिमेनशिया के शिकार व्यक्तियों में करीब 50 प्रतिशत तक अल्जाइमर पाया जाता है। इसमें स्मृति हानि और अन्य मस्तिष्क कार्यों की परेशानी होती है। अल्जाइमर रोग एक प्रगतिशील और अपक्षयी रोग है। महिलाएं इसकी चपेट में अधिक आ रही हैं। अल्जाइमर ज्यादातर 70 से अधिक उम्र के लोगों में देखा गया है। अल्जाइमर रोग की पहचान चिकित्सीय तौर पर की जाती है। अटोप्सी और ब्रेन बयोप्सी से इसकी पुष्टि की जाती है। अल्जाइमर में 99 प्रतिशत जेनेटिक हिस्ट्री नहीं पायी जाती। यदि एक प्रतिशत यह जेनेटिक होता है तो 45 के करीब की उम्र के लोगों में हो सकता है। जब हमारी याददाश्त में इतनी कमी आने लगती है कि वह हमारी रोजमर्रा के जीवन को हानि पहुंचाने लगती है और परेशान करने लगती है, तब यह बढ़कर अल्जाइमर बन सकता है। इसलिए ऐसा होने पर जल्दी डॉक्टर की सलाह लें, ताकि इस रोग को नियंत्रित रखा जा सके।

अल्जाइमर कैसे होता है
ऐसिटाइलकोलिन मेमोरी मलिक्यूल माना जाता है। ब्रेन में जो नर्व सेल ऐसिटाइलकोलिन मलिक्यूल बनाते हैं, वो सेल नष्ट होने लगते हैं, जिससे मेमोरी लॉस होने लगती है और अल्जाइमर के लिए जिम्मेदार होते हैं।

प्रमुख कारक
1. बढ़ती उम्र
2. सिर दर्द
3. अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि
4. कम पढाई-लिखाई
5. धातु विषाक्तता
6. उच्चरक्तचाप
7. उच्च कोलेस्ट्रॉल

क्या हैं लक्षण
इस रोग में स्मृति कमजोर होने लगती है, जो अन्य कई तरह की मुश्किलें बढ़ा देती हैं। इनमें भाषा संबंधी परेशानी अधिक होने लगती है। शुरुआती दौर में अधिकांश सबसे पहले अनोमिया यानी नाम को लेकर दिक्कत होने लगती है। व्यक्ति नाम भूलने लगता है। वह बिना रुकावट के नहीं बोल पाता। फिर धीरे-धीरे उच्चारण, व्याकरण आदि को लेकर भी मुश्किल होने लगती है।

अल्जाइमर के शिकार व्यक्ति को अनुमान लगाने, विचार करने, फैसला लेने, स्थिति से निपटने में दिक्कत महसूस होती है। यही नहीं हिसाब आदि गणना से जुड़ी समस्याओं से भी ऐसे व्यक्तियों को जूझते हुए देखा जाता है।

आवश्यक आहार
अल्जाइमर रोग से ग्रस्त लोगों के लिए विटामिन ई से भरपूर आहार होना चाहिए।
ऐसे लोगों के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स फायदेमंद होते हैं, इसलिए ताजे फलों का सेवन करना चाहिए।
सब्जियां भी अच्छी मात्रा में खानी चाहिए।
उच्च कोलेस्ट्रॉल अल्जाइमर के रोगियों के लिए उचित नहीं, इसलिए आहार कम कोलेस्ट्रॉल वाला होना चाहिए।
ग्रीन टी पीना भी फायदेमंद साबित होता है।

बरतें सावधानियां
इस रोग में सबसे अधिक जरूरी है कि समय पर इसकी जांच हो सके और डॉक्टरी तौर पर इसको निश्चित किया जा सके।
अल्जाइमर का पता चलने पर सही और बेहतर इलाज पर ध्यान देना चाहिए।
इस रोग से पीडित व्यक्ति को दैनिक गतिविधियों में सहयोग देना चाहिए।
यह ख्याल रखना चाहिए कि रोगी के मस्तिष्क की स्थिति में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है। इसलिए उसके ज्ञान बढ़ाने और दिमाग से जुड़े क्रिया-कलापों को बढ़ाने में मदद करनी चाहिए।
ऐसे रोगी को शारीरिक और मानसिक व्यायाम करने चाहिए।
कम वसा वाले आहार का सेवन करना चाहिए।
रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रित रखना चाहिए।

उपचार
इसके उपचार में दवाओं का अधिक प्रयोग किया जाता है। यह पाया गया है कि इसकी दवाओं में विटामिन ई की उच्च खुराक से फायदा होता है।

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