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लक्ष्मी का उपयोग करें उपभोग नहीं

दिनारा। निज संवाददाता। शास्त्रों में लक्ष्मी प्राप्त करने की बात कही गयी है। लेकिन, लक्ष्मी का उपयोग करना चाहिए, उपभोग नहीं। उक्त बातें दिनारा में पांचवें दिन श्री जीयर स्वामी जी महाराज ने ज्ञान यज्ञ में प्रवचन के दौरान कही। उन्होनें श्रद्घालुओं से कहा कि लक्ष्मी को माता भी कहा गया है, जो वंदनीय होती हैं।

उन्होंने धन को सदधर्म व अच्छे कार्य में खर्च करने की सलाह भक्तों को दी। प्रमात, प्रलाप, मिदरा के कारण या किसी प्रकार के कुमार्ग पर राशि खर्च करते हैं तो इसे लक्ष्मी रूपी माता सहन नहीं करती हैं।

ऐसे लोगों को दरिद्रता व दुख का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भगवान का स्मरण करना बड़ी बात नहीं है, भगवान की याद में तन्मयता कितनी है यह बड़ी बात है। क्योंकि प्रभु निष्काम हैं।

स्वामी जी ने कहा कि दान के माध्यम से मनुष्य के दुर्गति का नाश होता है। लेकिन, वही दान फिलत होता है जो सतपात्र को किया जाता है। धर्म वही है, जो हमें गलत मार्ग पर जाने से रोके। विपित्त आने पर भी कभी हमें अच्छे कर्म का त्याग कर बुरे कर्म नहीं अपनाना चाहिए।

पवित्रता पूर्वक जीने और धन-पद बल जन के द्वारा किसी का अहित नहीं करने व चोरी, बेईमानी, गलत ढंग से किसी का धन नहीं लेने का उन्होंने संदेश दिया।

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