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नक्सलियों के निशाने पर हैं ‘मुखबिर’

गया, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी एक बार फिर पुलिस और राजनीतिक दल के नेताओं की मुखबिरी करनेवालों पर कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। बांकेबाजार के हुसैनगंज जंगली क्षेत्र में बुधवार की रात जन अदालत लगाकर जिस तरह दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया और दो को शारीरिक दंड दिया, वह भाकपा माओवादी की मंशा को साफ उजागर करती है।

इस घटना के कुछ माह पहले मोहनपुर थाने के अमकोला गांव में नक्सल विरोधी संगठन एसपीएम प्रमुख संजय यादव और उनके दो निजी बॉडीगाडरें की भाकपा माओवादी के दस्ते ने गोलियों से भुनने के बाद पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया था।

बांकेबाजार थाने के हुसैनगंज जंगल में बुधवार की रात लगायी गयी जन अदालत में जिन पांच लोगों को पेश किया गया, उनपर भी मुखबिरी का आरोप लगाया गया था। डुमरी गांव के रहने वाले लक्ष्मण परहिया, रामप्रवेश प्रसाद, सतेन्द्र प्रसाद और बाराटांड के सुरेन्द्र यादव तथा मोरैनिया गांव के प्रवेश भोक्ता पर पुलिस और एक बड़े राजनीतिक लीडर के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया था।

भाकपा माओवादी के शीर्ष लीडरों ने जन अदालत लगाकर पांचों पर लगे आरोपों की सुनवाई करने का आदेश जोनल कमेटी को दिया था। इसके बाद मध्य जोनल कमेटी ने मंगलवार की रात को पांचों को अगवा कर लिया।

अगले दिन हुसैनगंज जंगल में जन अदालत लगाकर पेश करने का निर्णय सुनाया गया। अपनी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भाकपा माओवादी ने शाम ढलने के बाद जन अदालत लगायी। इसमें माओवादी लीडरों के अलावा लोकल कैडर और आसपास के ग्रामीणों को शामिल किया गया था।

रात सात बजे के बाद जनअदालत की कार्रवाई शुरू की गयी। पांचों आरोपितों को लोगों के बीच लाया गया। इसके बाद बारी-बारी से मामले की सुनवाई हुई। डुमरी गांव के लक्ष्मण परहिया और रामप्रवेश प्रसाद पर पुलिस और एक बड़े राजनीतिक लीडर की मुखबिरी करने का आरोप साबित घोषित किया गया। उनलोगों को मौत की सजा सुनायी गयी।

डुमरी गांव के सुरेन्द्र यादव तथा मोरैनिया गांव के प्रवेश भोक्ता को लाठियों से पिटाई की गयी। बाराटांड के सतेन्द्र प्रसाद पर आरोप साबित नहीं होने पर सिर्फ चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया गया।

जन अदालत की कार्रवाई समाप्त होने पर मौत की सजा पानेवाले आरोपितों को पीपुल्स गुरिल्ला आर्मी के लोग अपने साथ ले गए और घने जंगल में मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के एक अधिकारी का कहना था कि अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। पुलिस के पास इस तरह की घटना की सूचना आयी है, जिसके बाद सुरक्षा बलों को हुसैनगंज जंगली इलाके में भेजा गया है। पुलिस गुरुवार की शाम तक डेड बॉडी नहीं बरामद कर सकी थी।

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