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अधिकारी को ट्रैफिक रेगुलेट करने का आइडिया व विजन

पटना वि.सं.। पटना शहर के ट्रैफिक के बारे में किसी भी अधिकारी के पास न तो आइडिया है न ही विजन। लोग धड़ल्ले से मोटर वाहन कानून का उल्लंघन करते हैं और ट्रैफिक को कंट्रोल करने में लगे अधिकारी तमाशाई बने रहते हैं। बिना नंबर की गाड़ी सड़क पर दौड़ती नजर आती है, लेकिन इस ओर किसी भी अधिकारी की नजर नहीं जाती। तेजी व लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।

टेम्पो से धुआं निकल रहा हो, इसकी चिंता किसी को नहीं है। सरकार कहती है कि शराब पीने की वजह से हुई सड़क दुर्घटना में नहीं के बराबर मौत हुई है,जबकि इंटरनेट पर जो डाटा उपलब्ध है उसमें काफी भिन्नता है। ट्रैफिक कंट्रोल में लगे अधिकारी अपने पावर का इस्तेमाल करने में हिचकते हैं। ये बातें ट्रैफिक को लेकर दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा तथा न्यायमूर्ति विकास जैन की खंडपीठ ने कही।

अदालत का कहना था कि प्रेशर व म्यूजिकल हॉर्न का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ट्रैफिक पुलिस को सुनाई पड़ती है। कोर्ट ने कहा कि ड्रिंकिंग ड्राइविंग के बारे में दिये गये आंकड़े सरासर गलत हैं। सरकार की ओर से नेट पर जो ब्योरा दिया गया है, उसमें काफी भिन्नता है। बगैर नंबर के गाड़ी का परिचालन आम बात है। नंबर प्लेट का रंग जिकजाक बदला सा दिखाई देता है। जिकजाक मोटरसाइकिल चलाने वालों पर कार्रवाई होती तो इसकी संख्या घटती, लेकिन दिनोंदिन संख्या बढ़ती ही जा रही है।

अदालत ने कहा कि टेम्पो से जो परेशानी आमजन को हो रही है, इस पर किसी की नजर नहीं जाती। अदालत ने अगली तारीख पर ट्रैफिक एसपी सह सिटी एसपी तथा एडशिनल कमशि्नर, ट्रांसपोर्ट को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया। अदालत ने मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 9 जनवरी तय की।

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  • Web Title:अधिकारी को ट्रैफिक रेगुलेट करने का आइडिया व विजन