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बिना उचित मुआवजा भूमि अधिग्रहण का किया विरोध

आरा। एक प्रतिनिधि। मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर आरा-छपरा निर्माणाधीन पुल के सम्पर्क पथ के निर्माण पर लगायी गई पाबंदी के मुद्दे पर बबुरा में ग्रामीण व पुल निर्माण एजेंसी की आयोजित बैठक गुरुवार को बेनतीजा समाप्त हो गई।

ग्रामीणों ने मुआवजा की राशि आवासीय व व्यावसायिक दर पर नहीं होने तक पथ का निर्माण रोके रखने का ऐलान किया। काफी संख्या में लोगों ने आरा आकर जिला पदाधिकारी को अपनी मांगों से अवगत कराया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एक ही मौजा व चादर की जमीन होने के बावजूद मुआवजा देने की प्रक्रिया में भेदभाव किया जा रहा है।

बताया जाता है कि आरा-छपरा पुल के सम्पर्क पथ के निर्माण के लिए बबुरा मौजा में जमीन अधिगृहित की गई है। अधिगृहित जमीन का मुआवजा महज 7800 रुपए डिसमिल की दर से देने के सराकारी प्रावधान किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन का आवासीय व व्यावसायिक उपयोग होता है, और मुआवजा की दर काफी कम है। मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सम्पर्क पथ का निर्माण रोक कर रखा है। गुरुवार को इस मुद्दे पर पुल निर्माण एजेंसी के अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित थी।

बैठक में मुआवजा की दर बढ़ाने को लेकर कोई सर्वसम्मत फैसला नहीं हो सका, और ग्रामीणों ने राशि नहीं बढ़ाने तक पथ निर्माण रोकने का फैसला सुनाया। विश्वनाथ सिंह, अमरजीत सिंह, सिद्धेश्वरी सिंह, शविजी सिंह, धर्मनाथ सिंह थे।

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