DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पानी के लिए दौड़ती रही दमकल की गाडियां

गाजियाबाद। आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की गाडिम्यां पानी के लिए दौड़ती रही। फायर ब्रिगेड ने पानी भरने का इंतजाम घंटाघर रामलीला मैदान तक का सफर किया है। यहां पानी का प्रेशर बहुत कम रहता है। बड़ी आग लगने की स्थिति में यहां काम नहीं चलता। मुकुंदनगर में आग लगने के बाद पहली गाड़ी यहां से भेजी गई। इसके बाद ऑप्यूलेंट मॉल और श्रीराम पिस्टन से पानी लिया गया। बाद में साहबिाबाद से भी पानी मंगाया गया। रात भर फायर ब्रिगेड की गाडिम्यां पानी के लिए शहर में चक्कर लगाती रही।

ताला तोड़कर निकले मजदूरअग्रवाल टेंट हाउस के गोदाम में एक ही एंट्री है। बड़े लोहे के दरवाजे पर रात में ताला लटका होता है। एक रास्ता ऊपर मकान मालिक के घर में जाने के लिए है। सीढिम्यों का रास्ता ऊपर से बंद कर दिया जाता है। लोहे के बड़े गेट पर ताला लटका था। अंदर आग लगने पर मजदूर बीच में फंस गए। उन्हें ऊपर जाने और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। दो मजदूरों ने हथौड़े से ताले को तोड़ा तब झुलसी हालत में किसी तरह दो मजदूर बाहर निकल पाए।

तीन मजदूरों ने अंदर ही दम तोड़ दिया। बिल्डिंग में करंट की दहशत फैली बुधवार की आधी रात का मंजर को याद कर आसपड़ाेस के लोग सहम जाते हैं। उनकी मानें तो ठंड और सर्द हवाओं की पूरी रात सड़क पर अथवा पड़ाेस के घरों के बाहर बैठकर गुजारनी पड़ी। पड़ोसी विक्रांत चौधरी ने बताया कि उनका मकान टेंट हाउस के गोदाम के सटा है। सामने हो रहे समारोह के बाद जब सोने गए, तभी उन्हें परिवार के लोगों ने आग के बारे में बताया।

भागकर छत की ओर गए। छत पर लगी ग्रिल में क रंट था। सामने रहने वाले डीजे कारोबारी मंजीत उर्फ सोनू ने बताया कि अग्रवाल परिवार छत पर फंसा था। प्रदीप गोयल के बच्चों और पत्नी चिल्ला रहे थे। तभी उन्होंने तीन-चार अन्य पड़ोसियों की मदद से परिवार को बाहर निकाला गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पानी के लिए दौड़ती रही दमकल की गाडियां