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आजीविका मिशन को मिले 66 लाख रुपये

बागपत। हमारे संवाददाता

जिले में दम तोड़ते राष्ट्रीय आजीविका मशिन को बचाने को सरकार ने पहल की है। शासन ने जिले को प्रथम किस्त में 66 लाख रुपये का बजट दिया है। बजट मिलने के बाद महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने का मशिन रफ्तार पकड़ेगा। सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं के परिवारों को भुखमरी से बचाने और आर्थिक स्थिति में सुधार को जिले में राष्ट्रीय आजीविका मशिन लागू किया है।

आजीविका मशिन में महिलाओं के सेल्फ हेल्फ ग्रुपों का गठन कर ब्लाक तथा जिला स्तर पर फेडरेशन गठित होगी। सेल्फ हेल्प ग्रुप के सदस्यों को फेडरेशन से स्वरोजगार को बेहद कम ब्याज दर पर आवश्यकतानुसार कर्ज मिलेगा, लेकिन पिछले एक साल से जिले में आजीविका मशिन कागजों में दौड़ता रहा है, क्योंकि न पर्याप्त संख्या में महिलाओं के सेल्फ हेल्फ ग्रुप बने और न शासन से अनुदान को बजट मिला। अब जिले को प्रथम किस्त में 66 लाख रुपये मिले हैं।

प्रत्येक ब्लाक में 11.95 लाख रुपये खर्च होंगे। बागपत में 350 सेल्फ हेल्प ग्रुप गठन का लक्ष्य तय है, पर अभी तक 160 ग्रुप गठित हुए हैं। जिला परियोजना निदेशक का कहना है कि सेल्फ ग्रुप गठित करने का लक्ष्य पूरा कराया जाएगा।

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