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मतदाता पहचान न होने से उपभोक्ता परेशान

मुजफ्फरनगर। हमारे संवाददाता

नए राशन कार्ड बनवाने को लेकर हाय-तौबा मची है। मतदाता पहचान पत्र उपभोक्ताओं की परेशानी का सबब बना है। एपिक कार्ड के अभाव में वे नए राशन कार्ड का फार्म नहीं भर पा रहे हैं। शहरी व ग्रामीण इलाक ों में खासकर अनपढ़ उपभोक्ताओं के लिए हिंदी व अंग्रेजी फार्म भरना मुसीबत बन रहा है। बैंक पासबुक की छायाप्रति, मोबाइल नंबर देना और जन्मतिथि लिखना जहां बांधक बना है वहीं नविास प्रमाण पत्र की बाध्यता मुश्किलें खड़ी करने को काफी है।

शासन के नए फरमान के चलते गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले उपभोक्ताओं को दर-दर भटकना पड़ रहा है, उनकी सुनवाई नहीं हो रही। इससे सरकार की नई व्यवस्था को लेकर उसमें गुस्सा है। नए राशन कार्ड बनवाने के लिए जिला आपूर्ति अधिकारी दफ्तर की ओर से राशन की दुकानों के जरिए उपलब्ध कराए गए कम्प्यूटराइज्ड फार्म में कई परिवारों के नाम ही गुमनाम हो गए। हालांकि ऐसे परिवारों के फार्म बाद में भरे जाएंगे। ग्वहीं गरीब परिवारों में घूमंतू जाति के लोगों के पास बैंक पास बुक है न ही मोबाइल नंबर।

परिवार के सदस्यों की जन्मतिथि भी उन्हें याद ही नहीं है। इस स्थिति में कोटेदार व अफसर उहापोह की स्थिति में है कि आखिर ऐसे उपभोक्ताओं का क्या करे। जिला पूर्ति अधिकारी मदन यादव का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के पास बैंक पासबुक अथावा मोबाइल नंबर नहीं है, उन्हें एक घोषणापत्र भरकर जमा करना होगा। आईडी प्रूफ के बगैर कम्प्यूटर में फार्मो की डाटा फीडिंग का काम हो पाना संभवन नहीं हो पाएगा। ं।

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