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राजकोषीय घाटा 4.8 फीसदी तक रहेगा: चिदंबरम

राजकोषीय घाटा 4.8 फीसदी तक रहेगा: चिदंबरम

राजकोषीय घाटे में बढ़ोतरी के बावजूद वित्त मंत्री पी चिदंबरम को भरोसा है कि चालू वित्त वर्ष में इसे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.8 प्रतिशत के लक्ष्य पर रखा जा सकेगा। चिदंबरम ने कहा कि हम राजकोषीय घाटे को 4.8 प्रतिशत पर रखेंगे। इस लाल रेखा को लांघने नहीं दिया जाएगा। मुझे पूरा भरोसा है कि यह इसके पार नहीं जाएगा।

नवंबर के अंत तक राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 94 प्रतिशत पर पहुंच गया है। वित्त मंत्री से पूछा गया था कि क्या ऐसे में राजकोषीय घाटा लक्ष्य से ज्यादा रह सकता है। चिदंबरम ने कहा कि सरकार के वित्त की स्थिति दिसंबर में सुधरेगी और राजकोषीय घाटा घटेगा।

उन्होंने कहा कि दिसंबर में अग्रिम कर भुगतान आया है और सामान्य वित्तीय नियम जो खर्च को रोकते हैं, भी अपनी भूमिका निभाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि इनका राजकोषीय घाटे पर सकारात्मक असर दिखाई देगा। वित्त वर्ष 2012-13 में राजकोषीय घाटा 4.9 प्रतिशत रहा था।

सरकार ने इसे चालू वित्त वर्ष में 4.8 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है। सरकार का लक्ष्य 2016-17 तक राजकोषीय घाटे को 3 प्रतिशत पर लाने का है। इस तरह के संकेत हैं कि सरकार राजकोषीय घाटे पर अंकुश के लिए योजनागत व्यय में एक लाख करोड़ रपये की भारी कटौती कर सकती है। सरकार को चालू वित्त वर्ष में अभी तक विनिवेश से 3000 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि विनिवेश लक्ष्य 40,000 करोड़ रुपये का है। देश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से नवंबर की अवधि में सालाना लक्ष्य का 93.9 प्रतिशत या 509557 करोड़ रुपये रहा है।

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