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मंडेला की याद

नेल्सन मंडेला के रूप में संसार ने अपना महानायक खो दिया है। जब तू आया जगत में सब हंसे तू रोए, ऐसी करनी कर चल तू, हंसे जग रोए। यह दोहा इस उनकी अंतिम विदाई के समय अनायास याद हो आता है। मंडेलाजी ने अपने संघर्ष, परिश्रम, उदारता, बौद्धिकता व न्यायप्रियता से 95 वर्ष की अपनी लंबी जीवन-यात्रा को संसार के लिए अविस्मरणीय, प्रेरणाप्रद और मानवता के उच्चतम मूल्यों की महानदी बना दिया। तभी तो संसार भर के सभी आम-खास इस महानदी के जल से सराबोर सजल नयनों से श्रद्धांजलि स्वरूप अपने मदीबा (पिता) को अंतर्मन से अंतिम प्रणाम कर रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा ने शोक संदेश में मंडेला को देश का सबसे सच्चा सपूत बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मंडेलाजी की कहानी एक ऐसे आम आदमी की कहानी है, जो विनम्रता, उदारता, न्यायप्रियता और समता की प्रतिमूर्ति बनकर दुनिया को पहले से अच्छी जिंदगी देने के लिए जीवन भर कठिन श्रम और संघर्ष करता रहा।
रजनीश मिश्र, खुटार, शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश

पार्टी के वायदे

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के संयोजक अपनी धुर विरोधी राजनीतिक पार्टी के सशर्त समर्थन से दिल्ली में सरकार बना चुकी है। लेकिन इस पार्टी को कई कठिन परीक्षाएं देनी हैं। पार्टी ने जो घोषणाएं की हैं, पहले तो उन्हें पूरा कर जनता का विश्वास जीतना होगा। उसके बाद इस पार्टी को सूबे में भ्रष्टाचार को रोकना होगा। अभी जो दो वायदे पूरे हुए हैं, वे लोक-लुभावन हैं, इसलिए सरकार को यह समझदारी भी दिखानी होगी कि राजकोष को घाटा न हो। अगले छह महीने में लोकसभा के चुनाव होंगे। दिल्ली में सुशासन देने के अलावा, इस पार्टी को पूरे देश के हालात और जनता की समस्याओं को जानना होगा, तभी यह पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कर सकती है।
दिनेश गुप्त, पिलखुवा, उत्तर प्रदेश

भाषण नहीं राशन दो

अपने छह मंत्रियों के साथ शपथ लेने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनके पास जादू की कोई छड़ी नहीं है। इससे जनता यह समझ चुकी होगी कि अरविंद केजरीवाल जिम्मेदारी से बच रहे हैं। जनता से वोट मांगते वक्त उन्होंने अपने बच्चों की सौगंध लेकर कहा था कि वे न तो भारतीय जनता पार्टी और न ही कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाएंगे। अब सरकार बनाकर उन्होंने सौंगध तोड़ दी है। जादू की छड़ी न तो कांग्रेस के पास थी और न ही भाजपा के पास, लेकिन फिर भी ये दोनों राष्ट्रीय पार्टियां क्रमश: सरकार और एमसीडी में रहकर बेहतर काम करती रही हैं। ठीक है कि उनसे कुछ गलतियां हुईं, पर दोष ठहराना आसान है और काम करके दिखाना अलग मुद्दा है। अरविंद केजरीवाल को एक अवसर मिला है। अपनी सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता से वह दिल्ली की समस्याओं को दूर करें और नाहक भाषणबाजी से बचें, अब भाषण का नहीं, राशन देने का समय है।
सुभाष गोस्वामी, कालकाजी, नई दिल्ली

राहत में दिल्ली

जब दिल्ली सरकार ने 666 लीटर मुफ्त पानी देने और बिजली की दरों में पचास प्रतिशत की कटौती का ऐलान किया, तब से दिल्ली की जनता काफी राहत में है। इतने बड़े कदम शायद ही किसी सत्ताधारी पार्टी ने पहले उठाए हों। इसलिए इन कदमों का प्रभाव आगामी लोकसभा चुनावों पर पड़ता दिख रहा है। नरेंद्र मोदी का नाम अचानक पीछे जा रहा है और आम आदमी पार्टी की जीत का हल्ला मचा हुआ है। दिल्ली के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का यह कहना भी अच्छा लगा कि हम राजनीति करने नहीं, बल्कि इसे बदलने आए हैं। इससे राजनीति के प्रति सकारात्मक माहौल बना है। युवाओं को नई राजनीति में मजा आ रहा है।
पूरन सिंह, नांगलोई, दिल्ली
puransingh504@gmail.com

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