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मुस्लिम नेताओं के खिलाफ मामले वापस लेने पर विचार

उत्तर प्रदेश सरकार बसपा सांसद कादिर राणा सहित विभिन्न मुस्लिम नेताओं के खिलाफ मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान भड़काउ भाषणों के जरिए हिंसा भड़काने के संबंध में दर्ज मामले वापस लेने पर विचार कर रही है।
      
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सरकार के कानून विभाग ने जिला प्रशासन को 31 अगस्त, 2013 को यहां खाला पार में एक पंचायत बैठक के दौरान कथित रूप से भड़काउ भाषण देकर हिंसा भड़काने के संबंध में नेताओं के खिलाफ दायर मामले वापस लेने से जुड़ी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
      
इस संबंध में बसपा सांसद कादिर राणा, विधायक नूर सलीम और मौलाना जमील अहमद, पूर्व कांग्रेस मंत्री सईदुज्जमा और उनके बेटे सलमान सईद, समुदाय के नेता असद जमा, नौशाद कुरैशी, एक व्यापारी अहसान, वकील सुलतान मशीर सहित विभिन्न लोगों के विरद्ध मामला दर्ज किया था।
      
स्थानीय अदालत ने इस मामले में उनके विरद्ध गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था। सईदुज्जमां और तीन अन्य लोगों को छोड़कर कादिर राणा सहित अन्य सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही, लेकिन अभी तक इसमें कोई आरोप पत्र दायर नहीं किया गया है।

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