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एलआईसी दावा निपटान सेवा निजी बीमा कंपनियों से बेहतर: इरडा

एलआईसी दावा निपटान सेवा निजी बीमा कंपनियों से बेहतर: इरडा

वित्त वर्ष 2012-13 में मत्यु बीमा मामले में दावे के निपटान में जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का प्रदर्शन निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों से बेहतर है। बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने यह जानकारी दी। इरडा की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि एलआईसी का दावा निपटान अनुपात निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों से बेहतर है।

बीते वित्त वर्ष में एलआईसी का दावा निपटान अनुपात 97.73 प्रतिशत रहा, जो 2011-12 में 97.42 प्रतिशत रहा था। वहीं निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों का दावा निपटान अनुपात घटकर 88.65 प्रतिशत पर आ गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 89.34 प्रतिशत था।

इसमें खुलासा किया गया है कि निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियां करीब 8 प्रतिशत दावों को खारिज कर रही हैं, जबकि एलआईसी द्वारा मात्र 1.12 फीसद दावे खारिज किए जा रहे हैं। इरडा के अनुसार साल के अंत तक निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों के पास 3.47 फीसदी दावे लंबित थे। एलआईसी के लिए यह आंकड़ा 1.04 प्रतिशत था।

देश में निजी क्षेत्र की दो दर्जन जीवन बीमा कंपनियां हैं। इनमें आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ व रिलायंस लाइफ बड़ी कंपनियों में शुमार हैं। जीवन बीमा उद्योग की प्रीमियम आय 2012-13 में 0.05 प्रतिशत बढ़कर 2.87 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

जहां निजी क्षेत्र की प्रीमियम आय में 6.87 प्रतिशत की गिरावट आई, वहीं एलआईसी की प्रीमियम आय 2.92 प्रतिशत बढ़ी।

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