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क्लीन स्वीप करने उतरेगा ऑस्ट्रेलिया

क्लीन स्वीप करने उतरेगा ऑस्ट्रेलिया

चिर प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को एशेज़ सीरीज़ में एकतरफा हार देने के मकसद के साथ खेल रही मेजबान टीम ऑस्ट्रेलिया जब शुक्रवार से यहां शुरू होने जा रहे पांचवें और आखिरी टेस्ट में उतरेगी तो उसके सामने मेहमानों को 5-0 से पराजित करने का ही एकमात्र लक्ष्य होगा।
      
ऑस्ट्रेलिया इस रिटर्न एशेज़ सीरीज़ को पहले ही कब्ज़ा चुकी है और इस समय 4-0 से आगे चल रही है। पांच मैचों की इस सीरीज में अब वह क्लीन स्वीप से केवल एक जीत की दूरी पर है और सिडनी में उसके पास यह सपना पूरा करने का मौका होगा। 
     
दूसरी ओर अपनी टीम को घरेलू मैदान पर एशेज़ में बेहतरीन जीत दिला चुके इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेयर कुक के पास भी सम्मान बचाने और चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया को क्लीन से रोकने का यह आखिरी मौका होगा। ऐसे में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में कांटे की टक्कर की उम्मीद की जा सकती है।
     
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क आखिरी टेस्ट में भी समान टीम उतार सकते हैं। हालांकि उसकी सबसे बड़ी चिंता इस समय ऑलराउंडर शेन वॉटसन हैं जो मांसपेशियों में खिंचाव के कारण चौथे टेस्ट में गेंदबाजी नहीं कर पाये थे। हालांकि तेज गेंदबाज रेयान हैरिस और वॉटसन ने मैच से पूर्व अभ्यास के दौरान काफी फिट दिखाई दे रहे हैं और उम्मीद की जा सकती है कि वे सिडनी में भी अपना जलवा बिखेरें। 
        
चयनकर्ता की भूमिका से हट चुके ऑस्ट्रेलियाई कप्तान क्लार्क का मानना है कि सिडनी टेस्ट में भी स्पिन गेंदबाज अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने साथ ही संकेत दिये हैं कि यदि यहां पिछले मैचों की ही तरह परिस्थितियां रही तो अंतिम एकादश में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। 
         
ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी बार 2006-07 में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज़ में क्लीन स्वीप का स्वाद चखा था। उस दौरान मेजबान टीम ने 5-0 से जीत दर्ज की थी। एकतरफा अंदाज में जीत के लक्ष्य के साथ खेल रही ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी टेस्ट में भी वॉटसन, मिशेल जॉनसन, नैथन लायन, रेयान हैरिस, क्रिस रोजर्स, डेविड वॉर्नर और स्टीवन स्मिथ के अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।
       
क्लार्क की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने वर्ष 2013 में भारत में टेस्ट सीरीज़ में 0-4 से और फिर इंग्लैंड में 0-3 से एशेज में एकतरफा शिकस्त झेली थी। आखिरी टेस्ट से पहले आत्मविश्वास से लबरेज दिख रहे क्लार्क ने कहा कि हमने पिछले छह महीने में भारत दौरे से लेकर इंग्लैंड में बेहद खराब दौर का सामना किया है जबकि इससे उभर कर अब हम बेहतर टीम में तब्दील हो चुके हैं।
        
दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के हाथों सीरीज गंवा चुकी इंग्लैंड इस समय मनोवैज्ञानिक ढंग से दबाव झेल रही है और पांचवें टेस्ट में उसकी सबसे बड़ी चिंता स्पिनर मोंटी पनेसर की फिटनेस है जबकि विकेटकीपर मैट प्रायर की सिडनी में गैरमौजूदगी भी उसके लिए चिंता का सबब होगी। ऐसे में उम्मीद है कि आखिरी मुकाबले में इंग्लिश टीम में व्यापक स्तर पर बदलाव देखने को मिलेगा। 
        
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की बात करें तो ग्राउंड्समैन टाम पार्कर के अनुसार इस पिच पर अधिक घास होगी लेकिन स्पिनरों के लिए भी यह पारंपरिक रूप से भूमिका अदा करेगी। इंग्लैंड के बेहतरीन स्पिनर ग्रेम स्वान के तीसरे एशेज़ टेस्ट के बाद रिटायरमेंट लेने के चलते उनकी जगह पनेसर को काफी अहम माना जा रहा है। 
       
इसके अलावा लेग स्पिनर स्कॉट बोर्थविक, तेज गेंदबाज बोएड रैनकिन और गैरी बैलेंस के पनेसर के मैच में फिटनेस के कारण गैरमौजूद रहने के चलते टीम में पदार्पण कर सकते हैं। टिम ब्रेसनेन और माइकल कारबैरी और कप्तान कुक ने भी इसकी संभावनाओं से इंकार नहीं किया है। 
         
मेलबोर्न टेस्ट में विकेटकीपर मैट प्रायर की जगह 24 वर्षीय जॉनी बेयरस्टो को मौका दिया गया था। ऐसे में पांचवें टेस्ट में भी प्रायर की वापसी की उम्मीद काफी कम है। कप्तान कुक ने कहा है कि प्रायर को घरेलू क्रिकेट में लौटकर अपने खेल में सुधार करना चाहिए जबकि वह बेयरस्टो को एक और मौका देना चाहते हैं। कुक ने कहा कि मैटी रन बनाने में असमर्थ हैं और पिछले काफी समय से बल्ले से उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। मुझे लगता है कि उन्हें वापस लौटकर रन बनाने का अभ्यास करना चाहिए। 
      
हालांकि व्यापक बदलाव के साथ साथ इंग्लैंड के लिए कप्तान कुक के अलावा जेम्स एंडरसन, जो रूट, केविन पीटरसन, बेन स्टोक्स और स्टीवन फिन से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती हैं।

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