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यूपी, बिहार, को मिलेगा पेयजल परियोजना का तोहफा

नई दिल्ली, हरिकिशन शर्मा

नये साल के मौके पर सरकार उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की जनता को पेयजल का तोहफा देने जा रही है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इन तीनों राज्यों के लिए पेयजल की एक अहम परियोजना को मंजूरी दी जा सकती है। इस परियोजना के तहत गांवों में घर-घर तक पीने का पानी पाइपलाइन के जरिये पहुंचेगा।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। सूत्रों का कहना है कि पेयजल की यह परियोजना वशि्व बैंक की मदद से चलेगी और छह साल के भीतर इस पर काम पूरा हो जायेगा। निम्न आय वर्ग वाले राज्यों में चलने वाली इस परियोजना में यूपी, बिहार और झारखंड के अलावा असम भी शामिल होगा। परियोजना के तहत इन राज्यों के ग्रामीण इलाकों में न सिर्फ पेयजल की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जायेगा बल्कि सीवरेज की व्यवस्था भी दुरुस्त की जायेगी।

सूत्रों ने कहा कि वशि्व बैंक से जो मदद मिलेगी उससे इन राज्यों में पेयजल की सुविधा के लिए संस्थागत, ढांचागत कार्यक्रम, सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं पर जोर दिया जायेगा। परियोजना में राष्ट्रीय, राज्य, जिला और गांव के स्तर पर केंद्र सरकार से लेकर पंचायत की भूमिका होगी। दरअसल केंद्र की इस परियोजना की अहमियत इसलिए है कि क्योंकि दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड में फ्लूराइड और आर्सेनिक का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा इन राज्यों में पेयजल जांच की सरकारी सुविधाएं खस्ताहाल हैं।

आर्सेनिक इतना खतरनाक है कि अगर व्यक्ति आर्सेनिक से दूषित एक लीटर पानी रोज पीता है तो उसे त्वचा कैंसर, फेंफडेम् का कैंसर, लीवर कैंसर, ब्लाडर कैंसर, कोलोन कैंसर, यूरीनरी कैंसर होने का खतरा होता है। आर्सेनिक के चलते होने वाली बीमारियों के इलाज की कोई दवा भी नहीं है। देशभर में 99380 बस्तियों का पेयजल दूषित है। बिहार में भी पेयजल के स्रेत 13 जिलों में आर्सेनिक, 11 जिलों में फ्लोराइड व 9 जिलों में आयरन से दूषित हैं।

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