अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पाक मीडिया : सियासत पर हावी होते तालिबान

चालीस कबाइली शहरवासी और 3 आतंकवादी मार गए। इसके बाद उन्होंने 22 कबायलियों को बंदी बना दिया और फिर आधों को गोली मार और बाकियों की गरदन काट कर मार दिया। यह समाचार प्राय: सभी समाचारपत्रों ने दिया है। तहरीक-ए-तालिबान के बुलार मौलवी उमर ने बयान दिया कि सरकार इस झगड़े में न पड़े, हमने सिर्फ अपराधियों को सजा दी है। मार गए लोग सरकार की तरफ से शांति बनाने में लगे बताए जाते हैं। खार से खबर है कि तालिबानियों ने लड़कियों के एक स्कूल पर कब्जा कर पुशत में इसे जामिया हसफा मदरसा बना दिया। जामिया हसफा, लाल मसिद का लड़कियों का मदरसा था जो पिछले साल फौाी हमले में तबाह हो गया था। ‘हमने इसे मदरसा बना कर लाल मसिद का कुछ हिसाब चुकता कर दिया है। और पश्चिमी शिक्षा हमारी लड़कियों के लिए अच्छी नहीं।’ स्वात में आतंकवादियों ने लड़कियों के 11 स्कूलों में आग लगा दी और एक फौाी चौकी पर हमला कर एक फौाी जवान और फ्रंटियर कोर के दो जवानों को मार दिया। इसके अलावा तालिबानियों ने स्वात में ही पाकिस्तान टूरिस्ट डेवेलपमेंट कार्पोरशन के एकमात्र स्काई इन रिसोर्ट होटल को आग लगा दी। यह स्थान इस्लामाबाद से केवल 150 किलोमीटर पर है। तीन मकानों को भी आग लगा दी और एक स्थानीय नेता के दो संबंधियों को गोलियों से मार दिया। अब समाचार है कि तालिबानी आतंकवादियों ने ऐतिहासिक शहर पेशावर को घेर लिया है। अगर पेशावर घिर जाता है, तो यह उत्तर पश्चिमी सीमाप्रांत के कई शहरों पर कब्जा कर सकते हैं। पिछले दिनों इन लोगों ने 16 इसाइयों को अगवा कर लिया था। द न्यूज ने अपने सम्पादकीय में कहा है कि इन लोगों के लिए इस्लाम का मतलब है, स्कूलों को जलाना, लड़कियों को बुरके में डालना, वीडियो, सीडी और नाइयों की दुकानों को नष्ट करना। जहां पेशावर किसी वक्त संगीत का गढ़ था आज संगीतकार भिखारी बन गए हैं। पिछली मुशर्रफ सरकार तो फेल हुई, आज की सरकार का भी कोई कंट्रोल नहीं है। इससे पहले 25 जून को प्रधानमंत्री युसूफ राा गिलानी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें सीमाप्रांत के गवर्नर ओवाइस अहमद घानी मुख्यमंत्री होती, केन्द्रीय विदेशमंत्री और फौा और आईएसआई के मुखिया जनरल अशफाक कियानी, कई और मंत्रिगण शामिल हुए। इसमें एक ओर यह तय किया गया कि फाता और सीमाप्रांत इलाकों में आतंकवादियों पर लड़ाई जारी रहेगी और इसके लिए जनरल कियानी का कंट्रोल रहेगा। समाचार है कि सरकार की जवाबी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। टैंकों और हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। शहबाज शरीफ के पंजाब के मुख्यमंत्री बनने के बाद, मिया नवाज शरीफ ने लाहौर से उपचुनाव का पर्चा भरा था। इसे एक और उम्मीदवार नूर इलाही ने लाहौर हाईकोर्ट में चुनौती दी जिसे स्वीकार कर लिया गया यानी नवाज शरीफ का पत्ता साफ। उनकी पार्टी और खुद शरीफ इसे राष्ट्रपति मुशर्रफ की चाल बता रहे हैं। क्योंकि नवाज शरीफ पीसीओ जजों को नहीं मानते न तो उन्हें यह फैसला स्वीकार है और न ही वह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने को तैयार हैं। क्योंकि वहां भी पीसीओ जज हैं। पाकिस्तानी परमाणु बम के पितामह डॉ. ए क्यू खान अब सुर्खियों में छाए हुए हैं। दि न्यूज, डॉन और दूसर समाचार पत्रों में उन्होंने न्यूयार्क से उर्दू साप्ताहिक की टेलीफोन ोंट में डॉ. खान ने कहा है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ अमेरिका के प्लान के मुताबिक 2015 तक देश को टुकड़ों में बाँटने पर चल रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊरा संस्था को अमेरिका और यहूदियों की संस्था बताया। इसकी रिपोर्ट को झुठलाते हुए उन्होंने कहा कि लीबिया झूठ बोल रहा है, क्योंकि पाकिस्तान ने उन्हें कोई चीज या मदद नहीं दी। उन्होंने भी अपने बम को उसी जगह से खरीदा जहां से पाकिस्तान ने (उनका इशारा उत्तर कोरिया की तरफ था)। मीरवाएज उमर फारुक इस समय हुर्रियत के दो सदस्यों के साथ पाकिस्तान में हैं और प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति मुशर्रफ और नवाज शरीफ से बात कर चुके हैं। उन्होंने अपना मनपसंद मुद्दा भारत-पाक वार्ता में कश्मीरियों को भी शामिल करना चाहिए, फिर दोहराया। इस बीच सभी समाचारपत्रों ने भारत-पाक विदेशमंत्रियों की वार्ता जो दिल्ली में चल रही है, पहले पृष्ठों पर प्रकाशित की है।ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पाक मीडिया : सियासत पर हावी होते तालिबान