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लौह संग्रहण कार्यक्रम की शुरुआत

उन्नाव, हिन्दुस्तान संवाद

देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल एकता और अखंडता की प्रतिमूर्ति थे। एकता और अखंडता का उनका नारा आज के ढोंगी नेताओं की तरह कोरी बकवास नहीं था। उन्होंने आजादी के साथ देश भर में फैली 565 रियासतों को भारतीय गणराज्य में थोड़े ही समय में शामिल कराकर एक नया इतहिास लिखा था। भारत के तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरु को जम्मू कश्मीर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने समस्या को सुलझाने के बजाए और बिगाड़ दिया।

आज कश्मीर अखंड भारत का सिरदर्द बना हुआ है। यह उद्गार भाजपा उत्तर प्रदेश मंत्री एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. महेन्द्र सिंह ने आजाद स्मारक परिसर बदरका में लौह एवं मिट्टी संग्रहण का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किया। डॉ. गंगा बख्श सिंह, देवी बख्श सिंह, आनंद अवस्थी, राकेश शुक्ल, मनीष जायसवाल, आशीष त्रिवेदी, अशोक सिंह, रमेश चंद्र लोधी, अखिलेश नारायण बाजपेई ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम अध्यक्षता राकेश शुक्ल व संचालन सिद्धार्थ दीक्षित ने किया। बाक्स हेतुफोटो संख्या 17 लौह संग्रहण कार्यक्रम में चंद्रिका देवी मंदिर परिसर में पूजन करते पूर्व विधयाक कृपा शंकर सिंह बक्सर में हुई लौह संग्रहण कीशुरुआत-बक्सर में राजा रावराम बख्श सिंहकी शहीद स्थली चंद्रिका देवी के परिसर में सरदार पटेल लौहसंग्रहण समिति से लौह संग्रहण की शुरुआत की गई।

जिसमेंजिला लौह संग्रहण समिति अध्यक्ष राजीव सिंह डब्बू और पूर्वविधायक कृपा शंकर सिंह भी मौजूद रहे। इस मौके पर रामचंद्र वर्मा, अखिलेश बाजपेई, संजय शुक्ल, देवनाथ यादव, छुन्नासिंह बक्सर आदि लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन बक्सरप्रधान सतीश वर्मा ने किया।

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