DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बागियों का एलान, छात्र संगठन परेशान

आगरा। वरिष्ठ संवाददाता

अंबेडकर विवि छात्रसंघ चुनाव में बागियों ने एलान कर दिया है। विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई को भीतरघात का सामना करना पड़ सकता है। टिकट कटने से असंतुष्ट छात्रनेता रणभूमि में डटे हैं। सभी खासे असरकारक भी हैं। चुनाव परिणाम पलट सकते हैं। हालांकि बुधवार देर रात तक इन्हें मनाने की कोशशिें चल रही थीं। विद्यार्थी परिषद की ओर से अध्यक्ष पद का टिकट लेने के लिए तीन दावेदार मैदान में थे। इनमें पंकज पाठक का जाना पहचाना नाम था।

सौरभ पाराशर भी लंबे समय से परिषद के साथ जुड़े हैं। कुलभूषण गौतम उर्फ लाले शांत रहकर परिषद का काम कर रहे थे। नामांकन से पहले तीनों ने पार्टी कार्यालय पर शक्ति प्रदर्शन किया। तीनों की ताकत देखकर पार्टी आलाकमान भी हैरान था। कई दौर की बैठकों के बाद भी प्रत्याशी तय नहीं हो सका। लिहाजा संगठन ने तीनों को नामांकन करने को कहा। इधर मंगलवार और बुधवार को फिर बैठकें हुईं। दोपहर बाद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह और प्रदेश संगठन मंत्री सुनील वाष्र्णेय ने सौरभ पाराशर का टिकट फाइनल कर दिया।

इसके बाद संगठन में विद्रोह की स्थिति पैदा हो गई। पंकज पाठक ने मैदान में डटे रहने का फैसला किया है। इधर लाले गौतम ने भी पर्चा वापसी की घोषणा नहीं की है। यानि संगठन के खिलाफ दो विद्रोही ऐलान-ए-जंग कर सकते हैं। हालांकि आलाकमान का कहना है कि लाले गौतम गुरुवार को नाम वापस ले लेंगे। ठीक यही स्थिति एनएसयूआई के साथ है। संगठन की ओर से अध्यक्ष पद के लिए मनीष गौतम और राहुल पाराशर ने नामांकन कर दिया था।

बाद में मनीष गौतम के नाम पर मुहर लगा दी गई। इससे राहुल पाराशर ने विद्रोही तेवर अपना लिए हैं। वह भी संगठन को खासा नुकसान पहुंचा सकते हैं। आज होगी नाम वापसी नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो चुकी है। गुरुवार को नाम वापसी होगी। इसके बाद ही विवि प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी करेगा। खारिज पर्चो की सूचना भी वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। प्रो. राजेन्द्र शर्मा, मुख्य चुनाव अधिकारी। आमने-सामने मेरे साथ ठीक नहीं किया मैंने कई साल संगठन को समर्पित किए हैं।

छात्र हित में लड़ाई के दौरान तमाम मुकदमे ङोले हैं। मेरी प्रोफाइल भी सबसे भारी थी। छात्रों के लिए मैं मैदान नहीं छोड़ंगा। पंकज पाठक, एबीवीपी के बागी। किसी एक को ही मिलता टिकट तीन दावेदारों में टिकट किसी एक को ही मिलता। ऐसे में दो का नाराज होना स्वाभाविक है। लाले गौतम गुरुवार को नाम वापस ले लेंगे। पंकज भी संगठन का साथ देंगे। अभिषेक त्रिपाठी, संगठन मंत्री एबीवीपी। लड़ंगा, मैदान से नहीं हटूंगा संगठन के प्रदेश प्रभारी ने मेरा टिकट फाइनल किया था।

बाद में उसे काटा गया। कई साल मैंने संगठन की सेवा की है। छात्र मेरे साथ हैं। मैदान से नहीं हटूंगा। लड़ंगा। राहुल पाराशर, एनएसयूआई के बागी। आलाकमान ने लिया है फैसला यह आला कमान का फैसला है। इसमें मेरे अलावा प्रदेश अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष शामिल थे। स्थितियां देखकर मनीष को टिकट दिया गया है। संगठन के लिए यही ठीक था। अमित सिंह, राष्ट्रीय मंत्री एनएसयूआई। ं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बागियों का एलान, छात्र संगठन परेशान