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राहत शिविर में एक और बच्ची ने दम तोड़ा

शामली, वरिष्ठ संवाददाता

प्रशासन भले ही कैराना के मन्ना माजरा में राहत शिविर के बंद होने का दावा कर रहा है, लेकिन गांव में कई विस्थापित परिवार अभी भी रह रहे हैं। बुधवार को गांव भाज्जू निवासी मोमीन की दो साल की पुत्री राशिदा ने ठंड के कारण मौत हो गई। परिजनों एवं ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार की रात में बारिश आने से विस्थापितों के कपड़े आदि भी भीग गए थे।

बारिश में भीगने के कारण रादिया को बुखार एवं निमोनिया हो गया। दो दिनों तक उपचार सही न मिलने से रादिया ने बुधवार की सुबह दम तोड़ दिया। विस्थापितों का आरोप है कि यहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा न तो कोई चिकित्सा कैंप लगाया जा रहा है और नहीं प्रशासनिक स्तर पर सहायता प्रदान की जा रही है। विस्थापितों के मुताबिक इस शिविर में यह बच्चों की पांचवी मौत है, जबकि की ठंड के चलते इससे पहले राहत शिविरों में 34 मौत हो चुकी हैं।

इस संबंध में सीएमओ डा. एलके गुप्ता का कहना है कि उनके संज्ञान में अभी तक यह मामला नहीं है। यहां उनका उनका कोई चिकित्सा कैंप नहीं है। वैसे भी मन्ना माजरा से कुछ दूरी पर सरकारी अस्पताल है। किसी प्रकार की कोई परेशानी हो तो यहां इलाज कराया जा सकता है। 108 एम्बुलेंस भी हर समय उपलब्ध रहती है।

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