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शिक्षकों की पेंशन विभाग के लिए टेंशन

 मुजफ्फरपुर कार्यालय संवाददाता

नियोजित शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने की पेंशन योजना फिलहाल कार्यालयों में धूल फांक रही है। सात हजार से ज्यादा शिक्षकों को वर्ष 2012 में ही पेंशन योजना का फॉर्म भरवाया गया, लेकिन अब तक जिले से न तो फॉर्म भेजा गया और ना ही विभाग से किसी तरह की राशि की मांग की गई।

जब जांच शुरू हुई तो पेंशन योजना को अधर में लटकाने वाले अधिकारियों की गर्दन फंसने लगी है। प्रधान सचवि अमरजीत सिन्हा व प्राथमिक शिक्षा निदेशक चितरंजन सिंह ने इस संबंध में डीईओ और डीपीओ स्थापना से जवाब मांगा है। 2012 में शुरू हुई थी योजना ::: नियोजित शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यूटीआई रिटायरमेंट पेंशन स्कीम वर्ष 2012 में शुरू की गई। राज्य सरकार के निर्णयानुसारयूटीआई के इस स्कीम में सम्मिलित शिक्षकों को सरकार की ओर से हर महीने 200 रुपए संबंधित स्कीम में दिए जाने हैं।

अगस्त 2012 में इसके तहत जिले के सात हजार से ज्यादा नियोजित शिक्षकों को इस स्कीम से जोड़ा गया, लेकिन आज तक उनका फॉर्म ही नहीं भेजा गया। संबंधित 200 रुपये की डिमांड नहीं होने पर राज्य सरकार के तलब करने पर यूटीआई के अधिकारियों ने खुलासा किया कि जिले से उनके पास फॉर्म या शिक्षकों की सूची भेजी ही नहीं गई है। मामला खुलने पर निदेशक ने डीईओ और डीपीओ से इस संबंध में एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है।

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