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युवाओं को खींच रहा केजरीवाल का क्रेज

वरिष्ठ संवाददाता अलीगढ़। दिल्ली में सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी का क्रे ज तेजी से बढ़ने लगा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की साफ सुथरी छवि युवाओं को पार्टी की ओर खींच रही है। सदस्यता कैंपों में युवाओं की खूब भीड़ देखी जा रही है। यह सभी युवा पढेम् लिखे हैं और खुद कैंपों तक पहुंच रहे हैं।

कुछ ही दिनों में अलीगढ़ में आप के सदस्यों का आंकड़ा कई हजार तक जा पहुंचा है। हर रोज कैंप में 500 से 600 सदस्य बन रहे हैं। यह सभी सदस्य पार्टी से अपनी वैचारिक समानता के आधार पर जुड़े् हैं। आम आदमी पार्टी ने राजनीति की दिशा बदल दी है। अब तक पार्टियों में पढेम् लिखे युवा कार्यकर्ताओं का टोटा देखने को मिलता था। लोग पार्टी की सदस्यता स्वार्थ को लेते थे और उनकी सक्रियता न के बराबर होती थी।

लेकिन आप से जुड़े् ज्यादातर युवा काफी पढेम् लिखे हैं। डीएस कॉलेज से बीए एलएलबी के चौथे साल की पढ़ाई कर रही ज्योति गुप्ता ने तीन हफ्ते पहले ही पार्टी ज्वाइन की है और आज वह इसकी सक्रिय कार्यकर्ता हैं। अखबारों के दफ्तरों तक पार्टी की रोज की प्रेस विज्ञप्ति पहुंचाना उनका जिम्मा है। वह इसे पूरी ईमानदारी से निभाती हैं। कहती हैं, दिल्ली में आंदोलन के समय से ही मैं अरविंद केजरीवाल की विचाराधारा से जुड़ गई थी। अब हमारी संख्या तेजी से बढ़ रही है।

जितने भी जागरूक युवा हैं, सब जुड़ते जा रहे हैं। यह एक मजबूत दल बनेगा, जिसमें पढेम् लिखे युवाओं की फौज होगी और जिसका मकसद केवल देश को विकास के रास्ते पर ले जाना है। लोकसभा चुनाव में कूदने को तैयार आपआम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राधेश्याम के मुताबिक जिला स्तर पर एक बैठक हुई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को दी गई। खर विधानसभा श्रीराम चौधरी, मनवीर सिंह, बरौली एपी सिंह, अतरौली अजय यादव, अरविंद शर्मा, छर्रा अरविंद शर्मा, कोल व अलीगढ़ शहर बृजेश कुमार व संजय वर्मा, इगलास विधानसभा की जिम्मेदारी अरविंद चौधरी और विनोद कुमार को दी गई है।

बैठक में शैलेंद्र चौधरी, संजय वर्मा, बृजेश कुमार, रेनू माहेश्वरी, ज्योति गुप्ता समेत 30 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बढ़ती लोकप्रियता से बाकी पार्टियों को चिंताआप सदस्यों की बढ़ती संख्या से बाकी पार्टियों में चिंता है। हर चुनाव में जीत का गणित एक से दो प्रतिशत वोटों के इधर से उधर जाने पर निर्भर करता है। यह वही वोट होता है जो किसी पार्टी और नेता से हमेशा जुड़ा नहीं होता। यह जागरूक मतदाता का वोट होता है। सत्ता बदलने के लिए पढेम् लिखे युवा ही जिम्मेदार होते हैं।

इन युवाओं का रुझान तेजी से ‘आप’ की ओर जा रहा है। ऐसे में दूसरे दल चिंतित हैं और अपने एजेंडे को बदलने की सोच रहे हैं।

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