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कोलकाता: गैंगरेप पीड़िता के परिवार ने राज्यपाल से मांगी सुरक्षा

कोलकाता: गैंगरेप पीड़िता के परिवार ने राज्यपाल से मांगी सुरक्षा

सामूहिक बलात्कार की शिकार 16 वर्षीय लड़की की शहर के एक अस्पताल में मौत के बाद लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस ने उनसे बेटी के शव के साथ राज्य छोड़ देने को कहा है। परिवार ने अपने लिए सुरक्षा की मांग की।

पीड़िता के अभिभावकों ने कुछ वाम नेताओं के साथ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एम के नारायणन से मुलाकात की और आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की।

लड़की के पिता ने राज्य से मिलने के बाद कहा कि हम चाहते हैं कि जिन्होंने मेरी पुत्री के साथ सामूहिक बलात्कार किया है, उन्हें मृत्युदंड दिया जाये। हमने राज्यपाल से कहा है कि वे हमारे परिवार के सदस्‍यों को सुरक्षा मुहैया कराये, क्योंकि हमारे जीवन को खतरा है।

पीड़िता का पिता बिहार से आया है और टैक्सी चलाता है। उसने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने कल रात मुझे धमकाया और कहा कि राज्य छोड़ दूं और शव लेकर बिहार चला जाऊं। पुलिस अधिकारियों और कुछ स्थानीय गुंडों ने भी धमकाया कि अगर मैं ऐसा नहीं करता तो वे मुक्षे टैक्सी चलाने से रोकेंगे।

उसने कहा कि मैंने उन पुलिस अधिकारियों के बारे में राज्यपाल को बताया जिन्होंने मुझे धमकाया। राज्यपाल ने मुझे आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे।

लड़की के अंतिम संस्कार को लेकर कल रात वाम दल और कोलकाता पुलिस आपस में उलझ गये। लड़की ने 23 दिसंबर को अपने घर में खुद को आग लगा ली थी और कल उसकी शहर के एक अस्पताल में मौत हो गयी।

लड़की के पिता सीटू के काफी करीबी हैं। उन्होंने आज कहा कि ट्रेड यूनियन ने तय किया है कि शव को पीस हैवेन नामक मुर्दाघर में रखा जाएगा और शव के साथ दिन में शोक रैली निकाली जाएगी।

लड़की के पिता और सीटू के सूत्रों ने कहा कि कल देर रात जब शव को मुर्दाघर में ले जाया जा रहा था, तब पुलिस बिना परिवार की अनुमति के इसे जबरन अंतिम संस्कार के लिए ले गयी।

माकपा के राज्य सचिवालय के सदस्य राबिन देव ने प्रेस ट्रस्ट को बताया, पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए इसे जबरन ले लिया और नीमतला घाट शवदाह गृह में उसके अंतिम संस्कार की कोशिश की। पुलिस ऐसा करने में विफल रही, क्योंकि पीड़िता का मृत्यु प्रमाणपत्र उसके पिता के पास था। जैसे ही खबर फैली, हम भी तुरंत शवदाह केंद्र में पहुंच गए और हमने विरोध जताकर पुलिस को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

देव ने कहा कि पुलिस ने यह तर्क दिया कि शव के साथ शोक रैली निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि नए साल के जश्न के कारण पुलिसकर्मियों की कमी है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त :मुख्यालय: राजीव मिश्रा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बिल्कुल झूठा आरोप है। जो भी किया गया, वह बिधाननगर की पुलिस और परिवार के सदस्यों से सलाह-मशविरा करने के बाद किया गया। हमने शव को जबरन नहीं लिया।

बिधाननगर के पुलिस उपायुक्त अर्णब घोष ने कहा कि यह घटना कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में घटी इसलिए हम इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते। शव को फिलहाल परिवार और सीटू के संरक्षण में रखा गया है और उन्होंने दोपहर में शहर में शोक रैली आयोजित करने का फैसला किया है।

लड़की के परिवार ने आऱजी़ कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर भी उपेक्षा का आरोप लगाया। इसी अस्पताल में लड़की को भर्ती कराया गया था। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने वाम मोर्चा पर राज्य सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है।

तृणमूल महासचिव मुकुल रॉय ने पीटीआई से कहा कि माकपा ने जनता से मुंह मोड़ लिया है और वे इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं। लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि लड़की की मौत दुखद है और प्रशासन ने दोषियों को पकड़ने के लिए हरसंभव कार्रवाई की।

उन्होंने कहा कि आरोपी जेल में हैं और उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। पश्चिम बंगाल वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने हैरत जताते हुए कहा कि किसके निर्देश पर पुलिस इतनी अधिक सक्रियता दिखा रही है। हम चाहते हैं कि दोषियों को दंडित किया जाये। हम राज्य भर में विरोध प्रदर्शन एवं रैलियां आयोजित करेंगे।

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