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कठिन नहीं रोचक विषय है

कठिन नहीं रोचक विषय है

गणित एक ऐसा विषय है, जिसमें सही उत्तर दिए जाने पर पूरे अंक मिलते हैं। इस तरह यह अंक बटोरने का सबसे उपयोगी विषय बन जाता है। गणित के बारे में ‘कठिन विषय’ जैसी भ्रांतियों से इतर कुछ बुनियादी योजनाएं बना कर इसकी तैयारी आसानी से की जा सकती है।

कुछ विद्यार्थियों का मानना है कि गणित कठिनतम विषयों में से एक है, किंतु यह एक भ्रांति मात्र है। यदि सुनियोजित एवं योजनाबद्ध तरीके से नियमित रूप से लिखित अभ्यास किया जाए तो यह विषय आपको अप्रत्याशित सफलता प्रदान करेगा। समय का उचित प्रबंधन एवं सदुपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह विषय लिखित अभ्यास के अभाव में अपूर्ण है। प्राय: देखा गया है कि कॉमर्स के विद्यार्थियों को विज्ञान के छात्रों की अपेक्षा गणित अधिक कठिन लगता है एवं वे गणित को रटने की कोशिश करते हैं। गणित रटने का नहीं, बल्कि समझने का विषय है। यदि समझ कर प्रश्नों को हल किया जाए तो न केवल उन्हें हल करना आसान हो जाएगा, अपितु विषय भी सरल लगने लगेगा।

हॉट्स (डळर) एवं वैल्यू बेस्ड प्रश्नों का वेटेज 20 अंक है। हॉट्स के लिए विशेषत: उन प्रश्नों पर ध्यान दें, जिनमें एक से ज्यादा कॉन्सेप्ट लग रहे हों एवं जो प्रायोगिक (एप्लिकेशन बेस्ड) हों। वैल्यू बेस्ड प्रश्न प्राय: मैट्रिक्स, प्रॉबेबिलिटी एवं एलपीपी से होते हैं एवं जीवन के नैतिक मूल्यों पर आधारित होते हैं। इन प्रश्नों के उत्तर केवल हां या न में न देकर विश्लेषणात्मक ढंग से नैतिक मूल्यों को ध्यान में रख कर दें।

महत्वपूर्ण अध्याय         
इंटिग्रेशन, वेक्टर्स एवं 3डी ज्योमेट्री पर विशेष ध्यान दें। इंटिग्रेशन के प्रश्न कॉन्सेप्ट आधारित होते हैं, उदाहरण के लिए स्पेशल इंटीग्रल्स, इंटीग्रेशन बाय पार्ट, पार्शियल फ्रेक्शंस, डेफिनिट इंटीग्रल्स इत्यादि, जिन्हें खास तकनीक से हल किया जाता है। विद्यार्थी हर कॉन्सेप्ट और उनके हल करने की तकनीक का अलग कार्ड बना कर रखें एवं इनका उपयोग रेडी रैकनर की तरह करें। इसी तरह विभिन्न चैप्टर्स के फॉमरूलों का भी कार्ड बना लें तथा उन्हें उपयोग करें।

छह अंक के प्रश्नों के लिए चैप्टर चार में सॉल्विंग सिस्टम ऑफ लीनियर इक्वेशन, चैप्टर में मैक्सिमा और मिनिमा, चैप्टर 8,9,11,12  एवं 13 में बेयस थ्योरम और रैण्डम डिस्ट्रीब्यूशन पर विशेष ध्यान दें एवं एनसीईआरटी पर ही अपना ध्यान केंद्रित रखें।

विशेष सावधानियां
* स्टेप्स को फॉलों करें। सीबीएसई द्वारा निर्धारित मार्किग स्टेप्स पर आधारित होती है। प्रश्न हल करते समय उपयोग किए गए फॉर्मूलों को स्पष्ट करें।
* परीक्षा के दौरान हमेशा उन प्रश्नों के उत्तर पहले लिखें, जो आपको भली-भांति आते हों।
प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन)
* उत्तर पुस्तिका में साफ-सुथरे एवं व्यवस्थित ढंग से प्रश्नों के उत्तर लिखें।
* रफ कार्यो को अवश्य दिखाएं।
* डायाग्राम को ग्राफ पेपर पर पेंसिल एवं स्केल की सहायता से बनाएं। उपयोग किए गए फॉमरूले को दर्शाएं। उपयरुक्त सुझावों पर ध्यान देने पर निश्चित रूप से सफलता आपके कदम चूमेगी।

विशेष बातें : क्या करें
1. सर्वप्रथम एनसीईआरटी के प्रश्नों को पूर्ण रूप से करें इसके बाद ही किसी रिफ्रेशर का प्रयोग करें। 
2. वर्ष 2008 से 2013 तक के प्रश्न पत्रों को हल करें।
सीबीएसई सैम्पल पेपर 2008, 2010, 2012 एवं 2013 को अवश्य हल करें एवं उनकी मार्किग स्कीम पर अवश्य ध्यान दें।
3. मॉक परीक्षा अत्यंत आवश्यक है एवं इन्हें ढाई घंटे में हल करें। अपने विद्यालय के शिक्षक से मॉक टैस्ट अधिक से अधिक लेने का आग्रह करें।
4. प्रश्नों की प्रकृति एवं मांग को समझों। प्रश्नों में दिए गए विवरण में ही उनका हल छुपा रहता है, उन्हें समझों एवं प्रश्न की मांग के अनुसार उन्हें हल करें।
क्या न करें
* प्रश्नों के हल को रटे नहीं। जब मानसिक अथवा शारीरिक रूप से आप थके हों तो गणित कभी न करें। गणित का अभ्यास केवल तभी करें, जब आप मानसिक एवं शारीरिक रूप से तरोताजा एवं ऊर्जावान हों।
* गणित को बोझ कभी न समझों, बल्कि इसे समझ कर विषय में रुचि जागृत करें। इससे विषय सरल व सरस लगेगा।

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