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करार पर बढ़े तो समर्थन वापस

अमेरिका के साथ परमाणु करार को लेकर पैदा राजनीतिक संकट के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जिम्मेदार ठहराने के बाद माकपा पोलित ब्यूरो ने अब समझौते पर आगे कोई भी कदम बढ़ाने की दशा में केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का खुला ऐलान कर दिया है। पार्टी ने महंगाई बढ़ाने के लिए भी संप्रग की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए करार व महंगाई के खिलाफ आंदोलन चलाएगी। यहां रविवार को तीन घंटे तक चली पार्टी की सर्वोच्च बैठक के बाद माकपा महासचिव प्रकाश करात ने दो टुक कहा ‘ यदि सरकार ने ऐसे नुकसानदेह करार पर आगे कदम बढ़ाए, जिसे देश की संसद का समर्थन हासिल नहीं है,तो उनकी पार्टी बाकी वाम दलों के साथ संप्रग सरकार से समर्थन हटा लेगी।’ड्ढr ड्ढr सोनिया भी निशाने परड्ढr यह पहला मौका है जब पोलित ब्यूरो ने परमाणु करार पर वाम दलों की अनदेखी करने पर मनमोहन सरकार ही नहीं सोनिया गांधी के नेतृत्व पर प्रहार किए हैं। माकपा महासचिव प्रकाश ने पार्टी पोलित ब्यूरो की करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद एटमी करार पर कांग्रेस का साथ दे रहे यूपीए घटकों को भी चेतावनी भर लहो में कहा कि वे यह सुनिश्चित करं कि ऐसा कोई कदम न उठाया जाए, जिससे सांप्रदायिक शक्ितयों को मदद मिले।ड्ढr ड्ढr वादाखिलाफी का आरोपड्ढr पोलित ब्यूरो ने आरोप लगाया कि सरकार ने करार पर आगे बढ़ने के मामले में वाम दलों के साथ 16 नवंबर 2007 को किए गए वायदे का उल्लंघन किया है। कहा गया कि उस दिन सरकार ने यूपीए- वाम बैठक में यह वचन दिया था कि सरकार तब तक आगे नहीं बढ़ेगी, जब तक कमेटी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती।ड्ढr ड्ढr अंजाम क्या होगा?ड्ढr करात ने कांग्रेस नेतृत्व को याद दिलाया कि संप्रग का गठन सांप्रदायिक शक्ितयों को सत्ता से दूर रखने के लिए हुआ था,लेकिन करार पर आगे बढ़ने की दशा में जो अंजाम होंगे, उससे वह मकसद कमजोर होगा जिसके लिए सरकार बनी थी। पोलित ब्यूरो की बैठक में वाम शासित तीन प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के अलावा सभी प्रमुख नेता मौजूद थे।ड्ढr ड्ढr जार्ज बुश की ज्यादा चिंताड्ढr पोलित ब्यूरो ने मनमोहन सिंह को आड़े हाथों लिया। कहा कि प्रधानमंत्री व कांग्रेस नेतृत्व को करार पर जार्ज बुश से किए गए वायदे की ज्यादा चिंता है जबकि सरकार महंगाई पर कदम नहीं उठा रही।

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