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चााति प्रमाण पत्र बनाना अब आसान

ााति प्रमाण पत्र के लिए अब खतियान की जरूरत नहीं रही, और न ही शपथ पत्र की जरूरत होगी। सरकार ने जाति प्रमाण के लिए अब खतियान की अनिवार्यता हटाकर अधिकारियों को स्वविवेक से देने का आदेश दिया है। इसकीं अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है। जिसके मुताबिक जाति प्रमाण पत्र भू अभिलेख, पंचायत, नगर, नपा, निबंधन के कागजात के आधार पर दिये जा सकते हैं, लेकिन जिनके पास उक्त कागजात नहीं हो, तो अधिकारी ईमानदारी से जांच कर जाति का निर्धारण कर सकता है। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि जाति प्रमाण पत्र पाने की पात्रता रखनेवाले लोगों को इसे पाने में किसी तरह की कठिनाई नहीं हो। कार्मिक विभाग द्वारा जारी पत्र में जाति निर्धारण में अधिकारी द्वारा स्थानीय जांच की सही प्रक्रिया अपनाने की बात कही है, ताकि गलत ढंग से किसी को यह जारी न हो सके। इस आदेश की प्रति सभी प्रधान सचिवों, सचिवों, आयुक्तों, उपायुक्तों को भेज दी गयी है। अधिसूचना जारी होने की तारीख से यह आदेश लागू है। ज्ञात हो कि झारखंड राज्य बनने के बाद जाति प्रमाण पत्र के लिए खतियान अनिवार्य कर दिया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के समय में यह फैसला लिया गया था। सरकार का फैसला था कि जिनका नाम खतियान में होगा, उन्हें ही जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता था। तात्पर्य यह कि जाति प्रमाण पत्र पाने के लिए लोगों को नाकों चने चबाने पड़ते थे, हाारों छात्र शैक्षणिक संस्थानों में नाम लिखाने पाने से वंचित हो जाते थे, आरक्षण का लाभ भी नहीं मिल पाता था।ड्ढr

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