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डील पर माकपा की ‘फाइनल’ धमकी

माकपा पोलित ब्यूरो ने एलान किया है कि अगर सरकार ने एटमी डील पर एक कदम भी आगे बढ़ाया तो वह समर्थन वापस ले लेंगे और देशव्यापी विरोध अभियान चलायेंगे। पोलित ब्यूरो ने समर्थन वापसी के लिए येचुरी और प्रकाश करात को अधिकृत किया। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि वह करार और सरकार को बचाये रखने की कोशिश करगी। रविवार को माकपा की सर्वोच्च बैठक के बाद पार्टी महासचिव करात ने दो टूक कहा, ‘यदि सरकार ने करार पर कदम आगे बढ़ाये, तो वाम दल संप्रग सरकार से समर्थन वापस ले लेंग।’ड्ढr सोनिया भी निशाने पर : यह पहला मौका है जब माकपा ने करार पर वाम की अनदेखी पर मनमोहन ही नहीं सोनिया के नेतृत्व पर प्रहार किये हैं। करात ने यूपीए घटकों को भी आगाह किया कि वे यह तय करं कि ऐसा कोई कदम न उठाया जाये, जिससे सांप्रदायिक शक्ितयों को बढ़ावा मिले।ड्ढr हश्र क्या होगा? करात ने कांग्रेस को याद दिलाया कि संप्रग का गठन सांप्रदायिक शक्ितयों को सत्ता से दूर रखने के लिए हुआ था लेकिन करार से वह मकसद कमजोर होगा जिसके लिए गंठाोड़ बना था।ड्ढr वादाखिलाफी की : माकपा ने आरोप लगाया कि सरकार ने करार पर आगे बढ़ने के मामले में वाम के साथ 16 नवंबर 2007 के वादे का उल्लंघन किया है। सरकार ने यूपीए-वाम बैठक में यह वचन दिया था कि सरकार तब तक आगे नहीं बढ़ेगी, जब तक कमेटी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती है।ड्ढr महंगाई पर कोसा : माकपा के मुताबिक महंगाई के लिए सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। सरकार महंगाई कम करने के लिए कदम नहीं उठा रही।ड्ढr बुश की चिंता ज्यादा : मनमोहन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पीएम को करार पर बुश से किये वादे की ज्यादा चिंता है जबकि उन्हें महंगाई कम करने के लिए कठोर कदम उठाना चाहिए था।

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