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विधानसभा: डेढ़ लाख दीजिये, प्रोन्नति पाइये

थान: झारखंड विधानसभा परिसर। दिन : रविवार। समय : सुबह 10.30 बजे। विधानसभा गेट के पास लोगों की भीड़। पॉकेट में कलम। परीक्षा देने की तैयारी है। यह संवाददाता भी वहां पहुंचता है। परीक्षार्थियों में सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि कैसे प्रोन्नति पायी जाये। तरह-तरह के रेट की भी चर्चा हो रही थी। अचानक एक आदमी इस संवाददाता से पूछता है कि आप भी परीक्षा देनेवाले हैं क्या? आपको तो कभी यहां देखा नहीं। तो इस संवाददाता ने जवाब दिया, हां मैं विधानसभा में ही काम करता हूं। परीक्षा देने आया हूं। तब उस व्यक्ित ने कहा कि पैसे की बातचीत हो चुकी है क्या? संवाददाता ने कहा: नहीं। इस पर वह व्यक्ित किनार ले जाकर यह कहता है कि डेढ़ लाख रुपये दीजिए, आपका प्रोमोशन गारंटेड।ड्ढr विधानसभा में सात सौ से अधिक अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। ऊपर आंखों देखी बयां की गयी है। अगर इस पर यकीन करं तो अब प्रोन्नति के नाम पर भी पैसे का खेल हो रहा है। प्रोमोशन देकर नीचे के पद खाली किये जा रहे हैं और उस पर फिर नयी नियुक्ित हो रही है। 2ाून को थर्ड ग्रेड के लगभग 30 खाली पदों पर प्रोन्नति के लिए फोर्थ ग्रेड के कर्मचारियों की परीक्षा हुई। थर्ड ग्रेड में सहायक अवधायक, सुरक्षा प्रहरी, ध्वनि नियंत्रक, गेस्टेटनर ऑपरटर के पद रिक्त हुए हैं। इन्ही पदों पर प्रोन्नति होनी है। इसके लिए बकायदा रट खुल गये हैं। पहले भी विधानसभा में नियमों को ताक पर रख कर प्रोन्नति दी गयी है। हाल के दिनों में सात वैसे सहायकों को प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर प्रोन्नति दी गयी, जिनकी नियुक्ित को ही हाईकोर्ट ने गलत माना। इसके बाद बिल क्लर्क, रूटीन क्लर्क, टाइपिस्ट एवं सुरक्षा प्रहरियों के पद पर प्रोन्नति के मामले में नियमों की अनदेखी की गयी। नियम कहता है कि खाली पदों पर 20 प्रतिशत ही विभागीय परीक्षा के आधार पर प्रोन्नति दी जा सकती है। 80 प्रतिशत पदों पर विज्ञापन के माध्यम से बाहरी लोगों की नियुक्ित करना है।ड्ढr

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