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पाइपलाइन करार पर जुलाई में लग सकती है मुहर

ईरान, पाकिस्तान और भारत के बीच गैस पाइपलाइन बिछाने की 7.4 अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए तीनों देशों के पेट्रोलियम मंत्रियों की बैठक जुलाई में होने की सम्भावना है। खलीज टाइम्स में रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट में पाकिस्तान के एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि गैस पाइपलाइन समझौते को अंतिम रूप देने के वास्ते ईरान जुलाई में भारत और पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्रियों को बातचीत के लिए आमंत्रित करेगा। इस मुद्दे पर हुई ताजा प्रगति के तहत पाकिस्तान के वित्त तथा आर्थिक मामलों के मंत्री सैय्यद नावेद मर ने शनिवार को ईरान के पेट्रोलियम मंत्री गुलाम हुसैन नोजारी से मुलाकात करके गैस पाइपलाइन के मामले पर विचार-विमर्श किया था। दोनों मंत्रियों ने पेट्रोलियम क्षेत्र में परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने को लेकर भी बातचीत की। ईरान और पाकिस्तान के बीच गैस की खरीद-बिक्री को लेकर समझौता हो चुका है और दोनों देश मानते हैं कि अब आगे बढ़ने का वक्त है। गौरतलब है कि कच्चे तेल के बढ.ते दामों से दुनिया की विभिन्न अर्थव्यवस्थाआें में मची खलबली के बीच भारत और पाकिस्तान को अपने यहां ऊर्जा के संसाधनों की कमी से निजात पाने और इस समस्या से आर्थिक विकास पर पड़ रहे बुरे असर को कम करने के लिए प्राकृतिक गैस की सख्त जरूरत है। हालांकि दोनों मुल्कों पर गैस पाइपलाइन को लेकर ईरान के साथ समझौते पर आगे नहीं बढने के लिए अमेरिकी दबाव पड़ रहा है मगर वह फिलहाल इससे बेपरवाह हैं। 2615 किलोमीटर लम्बी गैस पाइपलाइन परियोजना ईरान से पाकिस्तान के रास्ते भारत तक बिछाई जाएगी और शुरुआत में इसमें हरदिन दो अरब 12 करोड क्यूबिक फुट गैस का प्रवाह होगा।ड्ढr

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  • Web Title: पाइपलाइन करार पर जुलाई में मुहर संभव