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बंद फैक्ट्री में भी पशु चिकित्सक पदस्थापित

पशु चिकित्सकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग में व्यापक पैमाने पर खेल हुआ है। वर्षो से बंद पड़ी बेकन फैक्ट्री में भी आवेदन के आधार पर पोस्टिंग हुई है। कई्र पिछले दस वर्ष से जमशेदपुर के इर्द-गिर्द ही घूम रहे हैं। अवधि पूरा नहीं करनेवालों का भी ट्रांसफर किया गया है। राजबाला वर्मा के कार्यकाल में ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं हो पाने का कसर इस बार निकाला गया है। बेकन फैक्ट्री में पहले से ही कई चिकित्सक पदस्थापित हैं। उन्हें वेतन भी मिल रहा है। इसके बाद भी तपकारा में रहीं लोलेन कंडुलना को यहां का विक्रय संगठक बनाया गया है। रनिया में रहीं नुपूर कोयल साल भर से क्षेत्रीय कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर थीं। अब एलआरएस आ गयीं हैं। जूनियर होने पर भी मधुसूदन भगत अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी खूंटी बनाये गये। एक मंत्री की पैरवी से लक्ष्मण मुमरू बिना तीन साल पूरा हुए चान्हो से टाटीसिलवे आ गये। कमलेश पिंगले गुमला से गुमला, मनमोहन महतो तमाड़ से बुंडू, कल्पना भेंगरा बुंडू से तोरपा, जियाउल हक दुमका से दुमका में ही रहे।ड्ढr देवाशीष देव, पूर्णिमा रानी, आशुतोष मांझी, यदुवंश प्रसाद सिंह, देवेश प्रसाद सिंह, संजीव कुमार राय, प्रफुल्ल कुमार सिंह, चंदन गोविंद देव, प्रतीमा कुमारी और अखिलेश कुमार वहीं आसपास घूम रहे हैं। इसमें एक क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी की भी कृपा है। पहले जमशेदपुर रांची रां में आता था। झारखंड गठन के बाद यह कोल्हान रां में आ गया। इसका लाभ भी सभी उठा रहे हैं। शशिधर राव भी दुमका और आसपास घूम रहे हैं।ं

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