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सस्ते आयात को लामबंद होगा वस्त्र उद्योग

पास की बढ़ रही कीमतों को कम कराने के लिए कपड़ा क्षेत्र की कंपनियां सिर्फ टेक्सटाइल मंत्री शंकर सिंह वाघेला के ही भरोसे नहीं हैं। वे अन्य कई आला कैबिनेट मंत्रियों के साथ मिलकर लामबंदी में जुट गई हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने वित्त मंत्री पी.चिदंबरम और वाणिय एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ से भी मुलाकात क र राहत पैकेज तत्काल जारी कराने की जमीन तैयार की है। उनकी इस भारी मेहनत का सकारात्मक परिणाम जल्द आने की उम्मीद की जा रही है। कपड़ा मिलों और अन्य टेक्सटाइल कंपनियों की यह कोशिश कामयाब हुई तो उम्मीद के मुताबिक निकट भविष्य में कपास के आयात पर लागू 14.7 फीसदी का शुल्क यानी कस्टम डय़ूटी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। यही नहीं, कपास के बेरोकटोक निर्यात पर भी लगाम लग जाएगी। कंपनियों के मुताबिक इस मसले पर मुलाकातों के दौरान वाघेला के अलावा चिदंबरम और कमलनाथ ने भी सहमति व्यक्त की है। इन फैसलों के बाद उद्योग की हालत सुधर सकेगी। उद्योग का कहना है कि वह लागत बढ़ने और रु पये की मजबूती के चलते भारी समस्या से गुजर रहा है। बहुत सी मिलें या तो बंदी की हालत में हैं या फिर पूरी उत्पादन क्षमता को उपयोग नहीं कर पा रही है। पिछले साल भर के दौरान कपड़ा क्षेत्र के लगभग 3.5 लाख कामगरों के बेरोजगार होने का अनुमान है। उद्योग ने कपास पर आयात शुल्क दर को पूरी तरह से हटाने की मांग की है।

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  • Web Title: सस्ते आयात को लामबंद होगा वस्त्र उद्योग