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परिवहन सचिव के भाग्य का फैसला 14 को

चारा घोटाला के आरोपी आइएएस सजल चक्रवर्ती के भाग्य का फैसला14 जुलाई को होगा। चक्रवर्ती फिलहाल झारखंड के परिवहन सचिव हैं। सीबीआइ ने उन्हें चारा घोटाला के कांड संख्या आरसी 51(ए)में आरोपी बनाया है। सीबीआइ के स्पेशल जज विनय कुमार सहाय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसले की तिथि मुकर्रर कर दी है। मामले में कुल 64 अभियुक्त हैं, जिन्हें फैसले के दिन सशरीर कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है। मामला चाईबासा ट्रेजरी से 1ी अवधि में 38 करोड़ लाख रुपये की फर्ाी निकासी का है । सीबीआइ की जांच से इस बात का खुलासा हुआ है कि पशुपालन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से आपूर्तिकर्ताओं ने अवैध ढंग से राशि की निकासी कर ली। चाईबासा के तत्कालीन उपायुक्त सजल चक्रवर्ती पर आरोप है कि उन्होंने ट्रेारी की व्यवस्था पर ठीक से निगाह नहीं रखी, जिस कारण फर्ाी निकासी होती रही। इसके जवाब में चक्रवर्ती स्वयं बहस करने के लिए कोर्ट में उपस्थित हुए और बताया कि उपायुक्त ट्रेजरी का प्रशासनिक काम देखते हैं, एकाउंट नहीं। उन्होंने घोटाले में अंतरलिप्तता से इंकार किया है। सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक जगतनारायण सिंह ने बहस करते हुए कहा कि सभी की मिलीभगत से फर्ाी ढंग से सरकारी राशि निकाली गयी। मामले में सीबीआइ ने 12 नवंबर 2000 को 76 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया। इनमें सजल चक्रवर्ती के अलावा डॉ बीएन शर्मा, डॉ केएन झा, रामराज राम, डॉ केएम प्रसाद सहित अन्य हैं। चार अभियुक्तों दीपेश चांडक, शैलेश प्रसाद सिंह, कमलाकांत सिंह और शिवकुमार सिंह को सीबीआइ ने सरकारी गवाह बना लिया। दो अभियुक्त प्रमोद कुमार जायसवाल (अब मृत) और सुशील कुमार झा ने पूर्व में ही जुर्म कबूल कर लिया था। उन्हें कोर्ट सजा सुना चुकी है। पांच अभियुक्त डॉ एसबी सिन्हा, परश चंद्र कुंडू, जगतनारायण झा, हरीश खंडेलवाल और दुबराज गोराई की मौत हो चुकी है, जबकि सत्येंद्र कुमार अब तक फरार है।

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  • Web Title: परिवहन सचिव के भाग्य का फैसला 14 को