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भाचापा का साथ कभी नहीं:मायावती

बसपा सुप्रीमो और मुख्यमंत्री मायावती ने सपा, भाापा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बसपा ने न कभी भाापा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और न कभी आगे लड़ेगी। मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस को ‘चोर-चोर मौसेर भाई’ बताते हुए कहा कि दोनों दल परमाणु करार मुद्दे पर मिल गए हैं। यह बात अब किसी से छिपी नहीं है कि कांग्रेस का हाथ सपा के सिर पर है। सपा द्वारा परमाणु समझौते का साथ देने से मुसलमान सपा से सख्त नाराा है। वास्तव में सपा, कांग्रेस अंदर-अंदर भाापा से मिल गए हैं और बसपा को कमाोर करने का षडयंत्र कर रहे हैं। उन्होंने वामपंथियों को सलाह दी किउन्हें सपा से सबक लेना चाहिए। मुलायम स्वार्थ की खातिर किसी को भी दगा दे सकते हैं।ड्ढr मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास में लालकृष्ण आडवाणी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बसपा की लोकप्रियता के कारण श्री आडवाणी की कानपुर रैली बुरी तरह से पिट गई। इससे दुखी होकर आडवाणी ने रैली में मुस्लिम समाा को गुमराह करने के लिए एक सोची-समझी रणनीति के तहत अपने भाषण में कुछ एसी बातें कहींोिस पर कांग्रेस और सपा व उनके सहयोगी दल अपनी राानीतिक रोटियाँ सेंक सकें। आडवाणी के बयान से सपा-कांग्रेस को मौका मिल गया है और वे कहने लगे हैं कि बसपा सांप्रदायिक ताकतों से मिल गई है।ड्ढr बसपा को नुकसान पहुँचाना चाहतेड्ढr

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