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ब्रिटेन में नौकरानियां का शोषण

पिछले दिनों जब एक भारतीय नौकरानी का उसके प्रभावशाली मालिक द्वारा वेतन का लेकर शोषण का मामला प्रकाश में आया था, तब सरकार ने प्रवासी नौकरानियां को शोषण से बचाने के लिए कानूनी सख्ती दिखाई थी, लेकिन हालात आज भी सुधरे नहीं हैं। एक नए अध्ययन से पता चलता है कि इन नौकरानियां के शोषण का सिलसिला बरकरार है। ऑक्सफाम और अधिकारवादी संगठन कलायान द्वारा किए गए संयुक्त अध्ययन से पता चलता है कि 10 फीसदी नौकरानियां यौन शोषण की शिकार हैं, जबकि 26 फीसदी ने शारीरिक शोषण और 72 फीसदी ने मानसिक शोषण की शिकार होने की पुष्टि की। ऑक्सफाम से संब केट वारिंग की टिप्पणी है, ‘यह तबका ब्रिटन के सर्वाधिक शोषित और उपक्षित तबकों में शामिल है।’ हाल ही में भारतीय मूल की एक नौकरानी वायलट डिसूजा ने सरकार का ध्यान अपनी दुर्दशा की आेर आकृष्ट किया था। उन्होंने ऊंची पहुंच वाले अपने मालिक अरुण नायर और उनकी पत्नी अभिनत्री लिज हर्ली द्वारा अपने शोषण से जब सरकार को आगाह कराया, तो घरों में सेवा देने वाले प्रवासियांे के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए कानूनी कवायद की जाने लगी, जो नाकाफी साबित हो रही है। ‘नए बंधुआ मजदूर?’ नामक इस रिपार्ट में कहा गया है कि 41 फीसदी नौकरानियां को नियमित भोजन नहीं मिलता, जबकि 70 फीसदी ने लगातार काम लिए जाने और 61 फीसदी ने मालिक की अनुमति के बगैर घर से नहीं निकलने देने की शिकायत की।

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  • Web Title: ब्रिटेन में नौकरानियां का शोषण