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पहिये थमे, कारोबार ठप, दिहाड़ियों पर आफतनहीं चलीं 3000 बसें भटकते रहे मुसाफिर

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की हड़ताल और नक्सलियों के बंद के कराण झारखंड की सड़कों पर वीरानी छायी रही। राज्य के सभी इलाके में बसों एवं ट्रकों का परिचालन ठप रहा। पब्लिक और गुड्स ट्रांसपोटिर्ंग के व्यवसाय को धक्का लगा। पूरे राज्य में करीब चार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। रांची बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीकृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि राज्य के विभिन्न इलाकों से लगभग तीन हाार छोटी-बड़ी बसों का परिचालन प्रतिदिन होता है। बंद के कारण किसी भी इलाके में बसें नहीं चलीं। इसके कारण यात्रियों को भारी परशानी का सामना करना पड़ा। सैकड़ों यात्री घंटों बस पड़ाव पर इंतजार करते रहे। श्री सिंह के अनुसार एक दिन के बंद से परिवहन व्यवसाय को लगभग पांच करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित होता है। साथ ही बस व्यवसाय से जुड़े 40 हाार से अधिक लोगों का रोगार ठप हो जाता है। सरकारी बस डिपो से भी गाड़ियों का परिचालन नहीं हुआ। परिवहन निगम को एक दिन में चार से पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इधर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण राज्य के विभिन्न इलाकों में 30 हाार से अधिक ट्रक खड़े हो गये हैं। ड्ढr झारखंड ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उदय शंकर ओझा ने बताया कि उनके यूनियन द्वारा पहले से ही आंदोलन करने की घोषणा की गयी थी। ट्रकों के परिचालन ठप से पेट्रोलियम, आयरन ओर, कोयला, बाक्साइट, सब्जी आदि व्यवसाय प्रभावित हुआ।ड्ढr झारखंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गामा सिंह ने बताया कि बंद का असर ट्रांसपोर्टरों पर भी पड़ा है। बाहर से बुक किये गये सामान निर्धारित समय पर नहीं पहुंचे। पंडरा में एक करोड़ का कारोबार प्रभावितड्ढr एक तो बारिश की वजह से मंदी का दौर, ऊपर से कोढ़ में खाज में तरह बंद। कारोबारी तबाह हैं। बुधवार को नक्सलियों के बंद की वजह से रांची की सबसे बड़ी थोक मंडी पंडरा में एक करोड़ का कारोबार प्रभावित ुहुआ। रांची चैंबर के संजय माहुरी, रवि रोहतगी, शंभू गुप्ता ने बताया कि नक्सलियों के बंद के कारण बाहर से लोग नहीं आये।ड्ढr बुधवार को सिमडेगा, कोलेबिरा और लचरागढ़ से बड़ी संख्या में व्यवसायी आते थे। बंद के कारण एक भी व्यवसायी नहीं पहुंच पाया। लातेहार, गुमला, डालटनगंज, चंदवा एंव चतरा के व्यापारी भी नहीं आये। यार्ड के भीतर छोटे मालवाहक वाहन चले, लेकिन उन्हें भी ज्यादा व्यवसाय नहीं मिला। संजय ने कहा कि बाजार ठीक रहने पर पंडरा मंडी से रोाना दो करोड़ रुपये के आसपास का कारोबार होता है। कमेटी की दोनों मंडियों में लगभग 400 दुकानें हैं। ी बिक्री ढीली रही।जहां के तहां खड़े हो गये हैं ट्रकसंवाददाता रांची ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस द्वारा आहूत अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण राज्य में ट्रकों का परिचालन पूरी तरह से ठप रहा। झारखंड ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उदयशंकर ओझा ने हड़ताल को शत-प्रतिशत सफल बताया है। पूर राज्य में मालवाहक ट्रक जहां के तहां खड़े हो गये। इसके कारण कोयला, आयरन-ओर, बाक्साइट, हरी सब्जी, खाद्यान्न और पेट्रोलियम पदार्थो की ढुलाई नहीं हुई। ओझा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जिस प्रकार से ट्रक संचालकों पर सर्विस टैक्स के साथ-साथ अन्य कर लादा जा रहा है, उससे ट्रक व्यवसाय बंदी के कगार पर है। कई इलाकों में टोल टैक्स की वसूली लगातार की जा रही है। इसके अलावा तेल कंपनियों द्वारा प्लेन डीाल की आपूर्ति रोक दी गयी है। इधर ट्रक ओनर्स एसोसिएशन और गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक कर आंदोलन को और भी तेज करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर प्रभात कुमार संतू, राजेश, अरुण साहू, अशोक, लाल प्रकाश नाथ शाहदेव, अभिमन्यू सिंह, शिव शंकर प्रसाद भैयाजी, अभय कुमार सहित कई सदस्य उपस्थित थे। ं

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