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तबादला नीति के विपरीत काम कर रहा विभाग

सूबे के डाक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग पर तबादला नीति के विपरीत काम करने का आरोप लगाया है। डाक्टरों ने कहा है कि स्वास्थ्य राज्य मंत्री के आश्वासन के बावजूद बिना सहमति के सैकड़ों डाक्टरों का तबादला कर दिया गया है। बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने डाक्टरों के एच्छिक पदस्थापन की अपनी ही नीति का पालन नहीं किया है। भासा के अध्यक्ष डा. रामनगीना प्रसाद सिंह, सचिव डा. दिनेश्वर सिंह, संयोजक डा. अजय कुमार एवं प्रवक्ता डा. रंजीत कुमार ने कहा कि विज्ञापन में पांच साल के बंधन का उल्लेख नहीं किया गया। इस कारण सैकड़ों डाक्टरों ने एच्छिक पदस्थापन का आवेदन नहीं दिया।ड्ढr ड्ढr पर तबादला करने के समय पांच साल की शर्त लगा दी गई। जबकि इसकी जानकारी सूबे के सभी डाक्टरों को सही समय पर नहीं दी गई। इससे दर्जनों डाक्टरों का वैसे जगह पर तबादला हो गया है जहां काम करना कठिन है। यही नहीं स्थानांतरण आदेश में प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी के तहत ही जिला के अन्दर तबादला करने का निर्देश दिया गया है। जबकि डाक्टरों को बताया कि सिविल सर्जन की अध्यक्षता वाली कमेटी उनका स्थानांतरण करगी। स्वास्थ्य मंत्री के साथ वार्ता के क्रम में स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट आश्वासन भी दिया था कि जिलों में पांच साल से पदस्थापित सभी डाक्टरों को एच्छिक स्थानांतरण के लिए आवदेन देने का मौका दिया जाएगा। पर इस पर अमल किये बिना बड़े पैमाने पर स्थानांतरण हुआ। स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने भी भासा को आश्वस्त किया था कि सिर्फ एच्छिक स्थांनांतरण चाहने वाले डाक्टरों का ही तबादला होगा पर कार्रवाई विपरीत हुई। यह स्थानांतरण बिना समानता एवं न्याय के हुआ है। इस संबंध में भासा का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर उचित कार्रवाई की मांग करगा।

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