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नक्सली बंदी का कहीं आंशिक, तो कहीं व्यापक असरनक्सली बंदी का कहीं आंशिक, तो कहीं व्यापक असरनक्सली बंदी का कहीं आंशिक, तो कहीं व्यापक असर

नक्सलियों के बंद का कहीं आंशिक, तो कहीं व्यापक असर पड़ा। लंबी दूरी के वाहन नहीं चले, बस स्टैंड वीरान। स्कूल- कॉलेज खुले, और दफ्तरों में भी उपस्थिति सामान्य रही। उग्रवादियों ने एक-दो जुलाई की मध्य रात्रि हरिहरगंज थाना क्षेत्र से 25 किमी पश्चिम स्थित पिपरा सामुदायिक भवन को विस्फोट से उड़ा दिया। उधर, धनबाद के तोपचांची में कांकेडीह के पास जीटी रोड पर नक्सलियों ने तांडव मचाया और एक ट्रक पर गोलियां चलायीं। बाद में ट्रक को फूंक डाला। इसके बाद फिर एक ट्रक पर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलायीं। चालक औ खलासी को गोली लगी।ड्ढr बंद से मंगलवार की रात से बुधवार की आधी रात तक एक भी ट्रेन और मालगाड़ी नहीं चली। कोल्हान प्रमंडल में बंद का मिलजुला असर रहा। एनएच पर सन्नाटा पसरा रहा। बंद के कारण लोडिंग प्वाइंट बंद रहे। सीसीएल में उत्पादन हुआ, लेकिन ढुलाई नहीं हो सका। बंदी से सीसीएल को 21 करोड़ का नुकसान हुआ। रांची की स्थिति सामान्य रही। हालांकि पंडरा में एक करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।ड्ढr बसों का परिचालन ठप रहने से पांच करोड़ का नुकसान हुआ, जबकि ट्रकों का चक्का जाम रहने से तीन करोड़ का नुकसान हुआ। खूंटी में सड़क मार्ग बंद था, लेकिन बाजार खुले थे। गुमला में बड़े वाहनों का परिचालन नहीं हुआ, दुकानें खुली थीं। लोहरदगा में वाहन बंद रहे, लेकिन बाजार खुले थे। सिमडेगा में भी यही स्थिति थी। पलामू, गढ़वा और लातेहार के शहरी इलाके सामान्य दिनों की तरह थे, लेकिन ग्रामीण इलाके में व्यापक असर पड़ा। चतरा पूरी तरह बंद रहा। राज्य के पुलिस प्रवक्ता डीआइजी आरके मल्लिक ने कहा कि नक्सलियों का यह बंद पुलिस के कारण विफल हुआ।ड्ढr

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