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‘थोड़े कंजूस, पर उसूल के पक्के हैं एंटनी’

रक्षा मंत्री एके एंटनी अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन एक नई किताब उनके व्यक्ितत्व व फितरत की कई और परतें खोलती है। केरल के एक विधायक द्वारा लिखित एक किताब उन्हें थोड़ा कंजूस, लेकिन कायदे-कानून व उसूल का पक्का बताती है। ‘कुंबालांगी वरनांगल’ नामक यह पुस्तक वरिष्ठ काग्रेसी नेता केवी थॉमस ने लिखी है। किताब में कई रोचक कहानियां और नेताआें के किस्से हैं। इसका एक अध्याय एंटनी को समर्पित है। ‘व्याथ्यासथानम एंटनी‘ नामक इस अध्याय में एंटनी से जुड़े कई दिलचस्प वाकये हैं। इसमें उनकी कंजूसी की भी चर्चा है। अक्टूबर 2006 में रक्षा मंत्री पद की शपथ लेने के बाद एंटनी नई दिल्ली के ब्रह्मपुत्रा अपार्टमेंट में ठहरे हुए थे। थॉमस लिखते हैं, ‘‘दिसंबर महीने की एक सर्द शाम को मैं एंटनी के पास पहुंचा। मुझे देखकर उन्होंने कहा-अरे आप तो कांप रहे हैं! फिर उन्होंने अपने सचिव प्रथपन को मेरे लिए चाय और बिस्कुट लाने को कहा। मैं उन्हें आश्चर्य से देखने लगा, तो उन्होंने पूछा कि ऐसे क्यों देख रहे हो? मैंने कहा आपके साथ मैं दशकों से जुड़ा हुआ हूं, लेकिन पहली बार मुझे आपकी चाय पीने और बिस्कुट खाने का मौका मिल रहा है। यह सुनकर एंटनी ठहाका मारने लगे।’’ वह आगे लिखते हैं, ‘‘ वहां से हम दिल्ली प्रेस क्लब पहुंचे। मैंने एंटनी के कुछ दोस्त पत्रकारों को जब यह बताया कि उन्हें एंटनी ने चाय पिलाई है, तो उन्हें भी हैरत हुई। कुछ पत्रकारों ने अनुमान लगाया यह उनके लिए शुभ संकेत हो सकता है। उस दिन प्रेस क्लब का खर्च मुझे वहन करना। यानी एंटनी ने यहां बदला चुका लिया! इसमें एंटनी की कई खूबियों की चर्चा है। अंग्रेजी में लिखी यह किताब अगले सप्ताह रिलीज होगी।

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  • Web Title: ‘थोड़े कंजूस, पर उसूल के पक्के हैं एंटनी’