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मैला ढोने वाली ‘प्रिंसेस ऑफ अलवर’ का कैटवाक

सिर पर मैला ढोने की कुप्रथा से मुक्त कराई गई राजस्थान के अलवर जिले की 36 दलित महिलाआें ने मार्क रॉबिन्सन, तमारा मास, राहुल देव और आर्यन वैद्य जैसी फैशन डिजाइनिंग एवं माडलिंग क्षेत्र की नामी हस्तियों के साथ अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र महासभा मुख्यालय में कैटवाक किया। संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद की आेर से विशेष तौर पर आमंत्रित इन महिलाआें, जिन्हें बदबूदार जिन्दगी से निकालकर नई जिन्दगी प्रदान की गई और समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया, के साथ जिन कलाकारों और मॉडलों ने कैटवाक किया उनमें हॉलीवुड कलाकार मार्क रॉबिन्सन और मॉडल तमारा मास के अलावा बहुचर्चित मॉडल कैरोल ग्रेसियस, सानिया शेख, बॉलीवुड कलाकार जस्सी रंधावा, राहुल देव, आर्यन वैद्य और शाहवर अली प्रमुख है। कैटवाक करने वाले अन्य मॉडलों में शीतल मल्हार, सुधांशु पांडेय, एन रघुरमण, इंद्राणि दासगुप्ता भी शामिल हैं। अलवर के दर्जनों परिवारों को सिर पर मैला ढोने के काम से मुक्त कराने में महती भूमिका निभाने वाले डॉ. बिन्देश्वर पाठक ने बताया कि फैशन परेड में भाग लेने वाले मॉडलों और कलाकारों ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फैशन डिजाइनर अब्दुल हलधर के प्रशिक्षण और निर्देशन में अलवर की इन्हीं राजकुमारियों द्वारा तैयार की गई पोशाकें पहनकर फैशन परेड की। अब्दुल हलधर पॉप स्टार माइकल जैक्शन के लिए भी पोशाकें डिजाइन कर चुके है। संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद ने 2008 को अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता वर्ष घोषित किया है और इसी के मद्देनजर स्वच्छता के क्षेत्र में नई क्रांति लाने वाले गैर सरकारी संगठन सुलभ इंटरनेशनल सोशल आर्गेनाइजेशन को पुनर्वासित महिलाआें में से 36 के साथ दो घंटे के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया था। डॉ. पाठक ने बताया कि इस समारोह में उन महिलाआें के जीवन संघषर्ो के बारे में तैयार पुस्तक ‘प्रिंसेस आफ अलवर’ का विमोचन भी किया गया। समारोह में 150 से अधिक देशों के करीब 400 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने उषा चौहान नामक दलित महिला को मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि सुलभ इंटरनेशनल की अलवर स्थित इकाई नई दिशा के सहयोग से वहां के पचास परिवारों की महिलाआें को मैला ढोने के काम से मुक्त कराया गया है और उन्हें सिलाई, कढ़ाई, बुनाई और ब्यूटीशियन आदि का काम सिखाकर समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया गया है।

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  • Web Title: मैला ढोने वाली ‘प्रिंसेस ऑफ अलवर’ का कैटवाक