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चूं-चूं का मुरब्बा

मुआफी चाहता हँू कि जब तक आप मेरा ये लिखा पढ़ें, तब तक अगर आरुषि-हेमराज का असल हत्यारा सौ फीसदी पकड़ लिया जाए तो मेरा लिखा रद्द समझें और न पकड़ा जाए तो सी.बी.आई. मुझे पकड़ ले। ससुरा किस्सा तो खत्म हो। पुराना शरलक होम्स होता तो पहले ही दिन मुझे पकड़ लेता। ये कांड न हुआ लम्बा खिंचता सीरियल हो गया। इसका नाम घर-घर की कहानी नहीं, रोज नई कहानी होना चाहिए। सरकारी जासूसों का तो हाल ये कि क्षुद्र नदी भरि चलि उतराई। पुलिस कहो या सी.बी.आई.। जो ना समझे पीर पराई, वही पुलिस सबसे सुखदाई’। मेरे पास सबूत भी है कि हत्यारा मैं हँू। मैं नौकर हँू। नौकर था और रहँूगा। सरकार मुझे अपना नौकर होने की पेंशन देती है। नौकर का हत्यारा होना अनिवार्य है सो मैं हँू। मुझे अक्सर शेखचिल्लियों वाले सपने आते हैं। एक दिन देखा तो डॉ. तलवार जज के सामने खड़े हैं और इकबालिया बयान दे रहे हैं कि हत्या मैंने की है। तभी तेजी से श्रीमती तलवार आकर खींचती हैं कि नहीं जज साहब हत्या मैंने की है। डॉ. तलवार मुझे बचाने के लिये इल्जाम अपने ऊपर ले रहे हैं। हद तो तब हुई जब सी.बी.आई. को पीछे धकेलता कृष्णा आया और चीखा कि असली हत्यारा मैं ही हँू। मैंने गलत इरादे से हत्या की है। अदालत में खुसुर-पुसुर होने लगी। तभी कोई अनिता दुर्रानी आई और सबको चुप करते हुए बोली- सब गलत। असल हत्या मैंने की है। लोगों को पीछे से चीखता चिल्लाता एक आदमी नजर आया। बोला मैं डॉ. दुर्रानी हँू। मेरी पत्नी पतिव्रता है। हत्यारा तो मैं ही हँू और बलिदान ये दे रही हैं। अदालत में शोर होने लगा। जज साहब को मेज पर हथौड़ा बजाना पड़ा। थोड़ी शांति हुई तो विजय नाम का कोई ड्राइवर भागता हुआ आया और बोला- जज साहब ये सब झूठ बोल रहे हैं, हत्यारा मैं हँू। जज बोले तो अब तक सच क्यँू नहीं बताया। विजय बोला साहब मैंने सोचा पुलिस और सी.बी.आई. पहले हथियार ढँूढ़ लें तब बताऊँगा। लेकिन जब मैंने देखा कि वो सब सर्जरी के औजार, हथौड़ा, ब्लेड, खुखरी, चाकू आदि का नारको और लाइ डिडेक्टर टेस्ट करने वाले हैं तो मैं समझ गया ये मामला महँगाई की तरह लम्बा खिंचेगा। मैं भी बोर होने लगा। अदालत में सन्नाटा खिंच गया। तभी हल्ला उठा। लोगों ने पीछे देखा। आरुषि और हेमराज नाचते कूदते आ रहे थे। बोले- सारा मुकदमा गलत है। हमारा खून तो हुआ ही नहीं। जज साहब ने फैसला सुनाया- इस कहानी पर किसी का मौलिक अधिकार नहीं है। जो चाहे फिल्म बना सकता है।

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  • Web Title: चूं-चूं का मुरब्बा