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क्रिसमस एक तरीके अनेक

क्रिसमस एक तरीके अनेक

सांता का साथ हम सभी को सुहाता है। उनका नाम आते ही हमें खिलौनों की याद आती है और सोचने लगते हैं कि इस बार फिर सांता क्लॉज आएंगे और हमारे लिए रात में गिफ्ट रख जाएंगे। लेकिन क्या तुम जानते हो कि जिस त्योहार पर सांता क्लॉज गिफ्ट लेकर आते हैं, वह त्योहार यानी क्रिसमस अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। आज ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में तुम्हें बता रहे हैं सत्य सिंधु

सेब-संतरे का उपहार
हमारे यहां दिवाली और दशहरा जैसे त्योहारों की तैयारियां पहले से शुरू हो जाती हैं, उसी तरह इंग्लैंड में क्रिसमस की तैयारियां लगभग एक महीने पहले से ही यानी नवंबर के अंत में शुरू हो जाती हैं। इस तैयारी में बच्चे भी खूब बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और क्रिसमस का पेड़ सजाने में अपने माता-पिता की सहायता करते हैं। 24 दिसंबर की रात को वे पलंग के नीचे अपना मोजा अथवा तकिए का गिलाफ रख देते हैं, ताकि फादर क्रिसमस आधी रात को आकर उन्हें विभिन्न उपहारों से भर दें। जब वे जगते हैं तो उन्हें अपने पैर के अंगूठे के पास सेब और एड़ी के पास संतरा रखा हुआ मिलता है।

घोड़े पर सवार होकर आते हैं सांता
हॉलैंड में सांता घोड़े पर सवार होकर उपहार देने आते हैं। रात को सोने से पहले बच्चे जूतों में सांता क्लॉज के घोड़े के लिए चारा तथा शक्कर भरकर घरों के बाहर रख देते हैं। सुबह उनके जूतों में घास तथा शक्कर के स्थान पर चॉकलेट व मेवे भरे होते हैं। बेल्जियम में तो सांता क्लॉज दो बार लोगों के घर जाते हैं। पहले 4 दिसंबर को बच्चों का व्यवहार देखने और फिर क्रिसमस पर उपहार देने।

7 जनवरी को मनाते हैं क्रिसमस
रूस व यूक्रेन में क्रिसमस अन्य देशों की तरह 25 दिसंबर को नहीं, बल्कि 7 जनवरी को मनाया जाता है। इन दोनों देशों में त्योहारों का आयोजन जूलियन कैलेंडर के अनुसार किया जाता है। इस कारण यहां 7 जनवरी को क्रिसमस मनाया जाता है। इस दिन यहां रूस की विशेष क्रिसमस प्रार्थना की जाती है और लोग उपवास भी रखते हैं।

इस मौके पर ढूंढ़ते हैं जीवनसाथी
जापान के लोगों के लिए यह दिन अलग ही महत्व रखता है। वहां के लोग इस दिन अपने साथी की तलाश भी करते हैं और दिलचस्प बात यह भी है कि उन्हें कोई न कोई साथी मिल भी जाता है। इन साथियों में तो कई बार जीवनभर का रिश्ता भी बन जाता है, यानी वे दोस्त से पति-पत्नी बन जाते हैं। यह भी कम आश्चर्य नहीं है कि मूल रूप से बौद्ध धर्म वाले इस देश में क्रिसमस बाजार की चीज बनकर आया था। लेकिन धीरे-धीरे यह जापान में भी लोकप्रिय हो गया और अब लगभग हर जापानी घर में सजा हुआ क्रिसमस पेड़ दिखता है और सांता क्लॉज अपने उपहारों से बच्चों को खुश-रोमांचित करते हैं।

यहां 13 सांता होते हैं
आइसलैंड में क्रिसमस मनाने का ढंग काफी अनोखा सा है। वहां एक के बजाय 13 सांता क्लॉज होते हैं और उन्हें एक पौराणिक राक्षस ग्रिला का वंशज माना जाता है। उनका आगमन 12 दिसंबर से शुरू होता है और यह क्रिसमस वाले दिन तक जारी रहता है। ये सभी सांता विनोदी स्वभाव के होते हैं।

यहां मनाते हैं ईसा का जन्मदिन
यह तो तुम जानते ही हो कि ईसा मसीह का जन्म इजरायल में हुआ था। वहां इस दिन दुनियाभर से हर धर्म के लोग पहुंचते हैं। ईसा मसीह का जन्म स्थान इजरायल के बेतलहम में चर्च ऑफ नेटिविटी स्थित है। इस चर्च के आंगन में एक खूबसूरत तारा बनाया गया है। कहते हैं कि ठीक उसी स्थान पर ईसा पैदा हुए थे। इस तारे के ऊपर चांदी के 15 दीये लटके हुए हैं, जो हमेशा जलते रहते हैं। क्रिसमस के एक दिन पहले यहां लैटिन भाषा में विशेष प्रार्थना के बाद घास-फूंस बिछाकर जीसस के प्रतीक स्वरूप एक बालक की प्रतिमा रखी जाती है। यह भी कहा जाता है कि यूनानियों को चर्च से खदेड़ने के बाद यहूदियों ने इस चर्च में जो दीया जलाया था, उसमें तेल केवल एक दिन के लायक था, फिर भी वह दीया पूरे आठ दिन जलता रहा था। इस कारण वहां इस त्योहार को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है।

सांता गाड़ी में भरकर लाते हैं उपहार
डेनमार्क में सांता बर्फ पर चलने वाली स्ले पर सवार होकर आते हैं। यह गाड़ी उपहारों से लदी होती है और इसे रैडियर खींच रहे होते हैं। कई सप्ताह पहले से ही यहां क्रिसमस की तैयारी शुरू हो जाती है। त्योहार से दो दिन पहले माता-पिता अपने बच्चों से छिपकर जंगल से देवदार काटकर लाते हैं और उसे विशेष रूप से सजाते हैं। इस पेड़ के नीचे बच्चों के लिए उपहार भी रखे जाते हैं।

सांता के नाम पर शहर
सांता क्लॉज पूरी दुनिया में लोकप्रिय हैं, लेकिन अमेरिका में तो उनके नाम पर एक शहर ही है। यहां सांता की एक 23 फीट ऊंची मूर्ति है। खासकर क्रिसमस के मौके पर इस शहर को देखने के लिए दुनियाभर के पर्यटक यहां पहुंचते हैं। सांता के नाम लिखी गईं सभी अमेरिकी बच्चों की चिट्ठियां यहीं आती हैं।

क्रिसमस पर बने ये रिकॉर्ड

5 लाख से ज्यादा लाइट्स
क्रिसमस के दिन लाइट जलाने का रिवाज है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के एक परिवार ने 5 लाख 2 हजार 165 लाइट जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। ऑस्ट्रेलिया के केनबेरा के डैविड रिचर्ड ने अपने घर पर 31 मील से भी अधिक लंबी बिजली की झालर टांग दी है। ये लाइट्स एक महीने तक जलेंगी। स्थानीय बिजली कंपनी ने रिचर्ड के इस कार्य से प्रभावित होकर बिजली का शुल्क माफ करने का आश्वासन दिया है।

सबसे लंबा क्रिसमस ट्री
जरा अंदाजा लगाओ कि दुनिया का सबसे लंबा क्रिसमस ट्री कितना लंबा हो सकता है? कौनास, लिथुआनिया का छोटा-सा शहर है, लेकिन यहां दुनिया का सबसे लंबा क्रिसमस ट्री बनाया गया है। खास बात यह भी कि इसका निर्माण प्लास्टिक की 40 हजार बोतलों से किया गया है।

कैरोल सिंगर ग्रुप
17 हजार 117 लोग कहीं एक जगह जमा हो जाएं तो कितनी बड़ी भीड़ नजर आएगी! वहां तो शोरगुल होगा, लेकिन इतने लोगों ने एक जगह जमा होकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। दरअसल, ये सब एक जगह जमा हुआ थे गाने के लिए। प्रीमियर क्रिश्चियन रेडियो द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ये लोग जमा हुए और एक साथ कैरोल गाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

छोटा क्रिसमस कार्ड
क्या तुम अंदाजा लगा सकते हो कि दुनिया का सबसे छोटा क्रिसमस कार्ड कैसा होगा? शायद तुम इस बात का अंदाजा नहीं लगा सकते, क्योंकि तुम ऐसे कार्ड का अंदाजा तो नहीं लगाओगे न, जो दिखे ही नहीं? हां, यह रिकॉर्ड बनाया है यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो ने। यह कार्ड नंगी आंखों से नहीं दिखता। यह 200 माइक्रो मीटर चौड़ा है और 290 माइक्रो मीटर लंबा है। इसे बनाने वाले प्रो. डैविड क्यूमिंग के अनुसार, ‘एक छोटे डाक टिकट के आकार के कागज पर ऐसे 8 हजार 276 कार्डो को रखा जा सकता है।’

लंबा चॉकलेट क्रिसमस ट्री
पेरिस के पैट्रिक रोगर ने 32 फीट ऊंचे चॉकलेट के क्रिसमस ट्री का निर्माण कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। दक्षिणी पेरिस के स्केयॉस्क में उन्होंने अपने स्टूडियो में यह ट्री बनाया। इसका वजन 4 टन है।

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