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ब्रिटेन में पेंशन की लड़ाई हारे पूर्व गोरखा सैनिक

ब्रिटिश सेना के तीन पूर्व गोरखा सैनिक पेंशन व्यवस्था की कथित खामियों के खिलाफ हाई कोर्ट में अपनी लड़ाई हार गए। उनका कहना था कि पेंशन देने में भेदभाव के कारण उनके सामने जीविका का ही संकट खड़ा हो गया है। ये पूर्व गोरखा सैनिक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सैनिकों के बराबर ही पेंशन की मांग कर रहे थे। कुमार श्रेष्ठ, कमल पुजरा और सैमबहादुर गुरंग स्वास्थ्य कारणों से ब्रिटिश सेना से सेवानिवृत्त हुए। ये तीनों उम्र के चौथे दशक में हैं। इनका कहना है कि पेंशन हस्तांतरण संबंधी नई नीति उम्र के लिहाज से काफी भेदभावपूर्ण है। नेपाली गोरखा पिछले करीब दो सौ सालों से ब्रिटिश सेना की सेवा करते रहे हैं। लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति 1े पहले हुई हो तो उन्हें ब्रिटिश सैनिकों की अपेक्षा कम पेंशन मिलती है। हाई कोर्ट ने कहा कि रक्षा विभाग की नीति में कोई खामी नहीं है।

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