अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राजरंग

बेटिकट सवारी बहुते हैं..भी बदली। राजनीति करने के हथकंडे बदले। सबसे हिट रहा फिल्मी गाना वाला हथकंडा। अब तो हर पार्टी के नेता गाना ही गा रहे हैं। गाना भी सुपरहिट है। हम लाये हैं झारखंड को बिहार से निकाल कर.. इसको रखना मेरी पार्टी के लिए संभाल कर। हर पार्टी अपनी पीठ थपथपाते हुए कहती है कि झारखंड का निर्माण मेरी मेहनत का नतीजा है। सब अपनी ही वाहवाही लूट रहे हैं। धक्का मार पार्टी भी कहां पीछे रहनेवाली है। इस पार्टी के सुप्रीमो पहले कमल को ही सब कुछ मानते थे। पर कमल वालों ने ऐसी बेवफाई की कि उन्हें नयी पार्टी बनानी पड़ गयी। पहले कहते थे कि कमल पार्टी ही प्रदेश का विकास कर सकती है। अब कहते हैं कि धक्का मार पार्टी के बिना विकास संभव नहीं। जोश तो उनमें ऐसा है कि दिवार को भी धक्का मारने लगें। कहते हैं, सब विधानसभा सीट पर लड़ेंगे। पर दिक्कत यह है कि हर सीट के लिए सवारी नहीं दिख रही। जो दिख रही हैं, विदाउट टिकट वाली हैं। टिकट कटा कर यानी कि कुछ खर्चा-वर्चा देकर धक्का मार गाड़ी पर बैठने को कम ही लोग दिख रहे हैं। पर सुप्रीमो निश्चिंत हैं, जसे सबको सवारी मिलती है, इनको भी मिलेगी। धक्का मार-मार कर कहीं सरकार बना लिये, तो सीएम वाली कुरसिया फिर मिल जायेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: राजरंग